Haryana News: उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) ने बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब से बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मर या अन्य विद्युत उपकरणों पर किसी भी प्रकार का कार्य केवल फोन या मौखिक अनुमति के आधार पर नहीं किया जा सकेगा। यह नई व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है।
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टेलीफोनिक अनुमति व्यवस्था पूरी तरह खत्म
पहले कई मामलों में कर्मचारी केवल दूरभाष या मौखिक निर्देशों के आधार पर काम शुरू कर देते थे। इससे कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो जाती थी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था। अब विभाग ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
नई नियमावली के अनुसार, किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उपकेंद्र से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना आधिकारिक मंजूरी के किसी भी प्रकार का कार्य करना सख्त रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सुरक्षा नियमों का पालन अब अनिवार्य
नए निर्देशों के तहत बिजली कार्यों में सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त किया गया है। अब हर कर्मचारी को निम्न प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होगा:
- लाइन बंद करना (Power Shutdown)
- तीनों चरणों की अर्थिंग सुनिश्चित करना
- परीक्षण उपकरण से लाइन की जांच करना
- सभी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना
इसके साथ ही हेलमेट, सुरक्षा दस्ताने और सुरक्षा बेल्ट जैसे उपकरणों का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इन नियमों का पालन न करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
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काम खत्म होने के बाद ही बहाल होगी बिजली आपूर्ति
नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक संबंधित कर्मचारी कार्य पूर्ण होने की पुष्टि नहीं करता, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी। इससे कार्यस्थल पर सुरक्षा और जिम्मेदारी दोनों सुनिश्चित की जा सकेगी। अगर किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर तय की जाएगी।
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉयज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष Subhash Lamba ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असुरक्षित कार्य प्रणाली के कारण कई कर्मचारियों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा उपकरणों की कमी और लापरवाही कर्मचारियों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता
इस नए निर्णय का मुख्य उद्देश्य बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करना और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है। विभाग का मानना है कि सख्त नियमों के पालन से न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि बिजली आपूर्ति प्रणाली भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगी।
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