
Haryana News: हरियाणा के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में पिछले कई दिनों से गहराया बिजली संकट आखिरकार समाप्त हो गया है। विद्युत निगमों के निजीकरण और अन्य मांगों को लेकर लामबंद हुए राज्य के करीब 40 हजार बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इस हड़ताल के चलते गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, रोहतक, पानीपत और यमुनानगर समेत राज्य के कुल 15 बड़े जिलों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने से प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था तेजी से सामान्य होने लगी है।
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सीएम नायब सिंह सैनी और मंत्री अनिल विज ने खुद संभाला मोर्चा

हड़ताल के कारण उत्पन्न हुए गंभीर हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कैबिनेट मंत्री अनिल विज खुद आगे आए और बिजली कर्मचारियों से सीधे संवाद करने पहुँचे।
मुख्यमंत्री ने आंदोलनरत कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक लंबी और सकारात्मक बैठक की। इस दौरान सीएम सैनी ने कर्मचारियों की सभी बातों और चिंताओं को बहुत ही विस्तार से सुना। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को यह बड़ा और ठोस भरोसा दिया कि सरकार विद्युत कंपनियों का किसी भी हाल में निजीकरण नहीं करेगी। सरकार की इस स्पष्ट और सकारात्मक पहल के बाद ही कर्मचारी संगठनों का रुख नरम पड़ा और उन्होंने हड़ताल वापस लेने पर सहमति जताई।
संयुक्त घोषणा और 3 नवंबर को अगली उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री के साथ सफल वार्ता के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए हड़ताल समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की। कर्मचारी नेताओं ने मीडिया को बताया कि सरकार की तरफ से मिले ठोस आश्वासन और निजीकरण न किए जाने के भरोसे के बाद उन्होंने राष्ट्रहित और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।

इसके साथ ही, कर्मचारियों की अन्य लंबित और प्रशासनिक माँगों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच आगामी 3 नवंबर को एक और महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित की गई है। उस बैठक में कर्मचारियों के बाकी बचे मुद्दों पर भी सकारात्मक समाधान निकालने की दिशा में विचार-विमर्श किया जाएगा।
जनजीवन और औद्योगिक इकाइयों को मिली बड़ी राहत
हड़ताल के अचानक समाप्त होने से हरियाणा के सभी प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों ने चैन की साँस ली है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बिजली गुल रहने और पानी की किल्लत से जूझ रहे नागरिकों को अब सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति मिलने लगी है।
विशेष तौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक हब, जहाँ बिजली न होने की वजह से फैक्ट्रियों में उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था और करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा था, वहाँ अब औद्योगिक गतिविधियाँ दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं। बिजली सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने से आम जनता, किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार के इस सफल हस्तक्षेप पर राहत की गहरी साँस ली है।
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