Haryana News: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने अपने अंतिम और निर्णायक चरण में प्रवेश कर लिया है। राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों पर प्रदेशभर में तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने ऐतिहासिक मुस्तैदी दिखाते हुए लगभग सभी मतदाताओं के घरों तक दस्तक दे दी है। इस महाभियान के तहत अब तक कुल 99.91 प्रतिशत मतदाताओं का भौतिक और डिजिटल कवरेज पूरा कर लिया गया है। अब राज्य में केवल 18,650 मतदाताओं का सत्यापन कार्य शेष रह गया है, जिसे शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई मंगलवार शाम तक की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 है। इनमें से बीएलओ की टीमों ने अविश्वसनीय रूप से 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 279 मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाकर उनका डेटा सत्यापित कर लिया है। इस कुल कवरेज में से 1 करोड़ 72 लाख 8 हजार 810 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म (सत्यापन प्रपत्र) पूरी तरह से डिजिटल सर्वर पर अपलोड (Digitized) किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, लगभग 34 लाख 28 हजार 469 मतदाता ऐसे पाए गए, जिनके फॉर्म विभिन्न तकनीकी, पारिवारिक या प्रवास जैसे कारणों से एकत्र नहीं हो सके। इन्हें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के अनुसार “अनकलेक्टेबल” (गैर-संग्रहणीय) श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों ही श्रेणियों को मिलाकर राज्य ने चुनावी डेटा प्रबंधन में 99.91 प्रतिशत की ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है।
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16 जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा
चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा यह घर-घर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन का कार्य राज्य के कुल 22 जिलों में से 16 जिलों में शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इन जिलों में अब एक भी मतदाता का भौतिक सत्यापन लंबित नहीं है। शेष बचे 6 जिलों में भी अंतिम चरण का काम युद्धस्तर पर जारी है। निर्वाचन आयोग का प्राथमिक लक्ष्य यह है कि बचे हुए कुछ हजार मतदाताओं का सत्यापन भी अगले कुछ दिनों में समाप्त कर लिया जाए, ताकि आने वाले चुनावों के लिए एक अत्यंत सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित अंतिम मतदाता सूची जारी की जा सके।
डिजिटाइजेशन में फतेहाबाद पूरे प्रदेश में अव्वल
मतदाता फॉर्मों को ऑनलाइन करने और उनके डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट करने के मामले में छोटे और ग्रामीण प्रधान जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस दौड़ में फतेहाबाद जिला पूरे प्रदेश में नंबर-1 पायदान पर रहा है, जहां के बीएलओ ने कुल प्राप्त फॉर्मों में से 92.83 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
इस सूची में शीर्ष स्थान पाने वाले अन्य प्रमुख जिले इस प्रकार हैं:
महेंद्रगढ़: 91.33 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ दूसरे स्थान पर।
चरखी दादरी: 90.48 प्रतिशत कार्य पूरा कर तीसरे स्थान पर।
भिवानी: 90.02 प्रतिशत के साथ चौथे पायदान पर।
सिरसा: 89.96 प्रतिशत डिजिटल रिकॉर्ड के साथ पांचवें स्थान पर।
इसके अलावा नूंह, कैथल, जींद, हिसार, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र और पलवल जैसे जिलों ने भी बेहतरीन प्रशासनिक कार्यकुशलता का परिचय दिया है। इन सभी जिलों ने राज्य के कुल औसत डिजिटाइजेशन स्तर (83.31 प्रतिशत) से कहीं बेहतर और तेज गति से काम करते हुए अपने रिकॉर्ड को डिजिटल सर्वर पर दर्ज किया है।
दिल्ली-एनसीआर और बड़े शहरों में धीमी रही रफ्तार
इसके विपरीत, दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और प्रदेश के बड़े कॉर्पोरेट व शहरी जिलों में डिजिटाइजेशन और फॉर्म संग्रह की गति अपेक्षाकृत काफी धीमी और चिंताजनक दर्ज की गई है। इस पूरी सूची में साइबर सिटी गुरुग्राम सबसे अंतिम पायदान पर है, जहां कड़ी मशक्कत के बाद भी केवल 69.79 प्रतिशत फॉर्म ही अब तक डिजिटाइज किए जा सके हैं।
शहरी क्षेत्रों के पिछड़ेपन की स्थिति को स्पष्ट करती तालिका
जिला डिजिटाइजेशन प्रतिशत
गुरुग्राम 69.79% (सबसे पीछे)
फरीदाबाद 72.68%
पंचकूला 76.12%
सोनीपत 80.32%
पानीपत 80.64%
रोहतक 80.81%
झज्जर 81.88%
अंबाला 82.41%
करनाल 82.42%
वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आ रही इस व्यावहारिक चुनौती का विश्लेषण करते हुए बताया कि बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में मतदाताओं की भौगोलिक आवाजाही बहुत अधिक होती है। यहाँ लोग अक्सर किराए के मकान बदलते रहते हैं, साथ ही नौकरीपेशा वर्ग की व्यस्तता और काम के सिलसिले में दूसरे राज्यों में प्रवास के कारण बीएलओ टीमों को बंद दरवाजे मिलते हैं। इन परिस्थितियों के कारण शहरी इलाकों में फॉर्म संग्रह और उनके भौतिक सत्यापन में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। इसके बावजूद, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियान को हर हाल में पूरा करने के लिए सभी पिछड़े जिलों में विशेष प्रशासनिक टीमें और नोडल अधिकारी सक्रिय कर दिए गए हैं।
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