Haryana News: हरियाणा शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक जरूरी कदम उठाया है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान सभी स्कूलों में मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश जारी किया गया है, ताकि 1 जुलाई से जब स्कूल दोबारा खुलें, तब छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का उद्देश्य है कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाया जाए और बच्चों को सुरक्षित व सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
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स्कूल प्रमुखों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
आपको बता दें कि, शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि वे अपने-अपने विद्यालयों में आवश्यक मरम्मत कार्य समय रहते पूरा करें। इसके लिए स्कूल प्रमुखों को अपने स्तर पर एक लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति भी प्रदान की गई है। इस बजट का उपयोग स्कूलों में जरूरी सुधार कार्यों के लिए किया जाएगा, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जा सके।
किन-किन कामों पर होगा फोकस
इस विशेष अभियान के तहत स्कूलों में कई जरूरी कार्य किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—
- स्कूल भवनों की मरम्मत और रखरखाव
- बिजली की फिटिंग और वायरिंग की जांच व सुधार
- शौचालयों की सफाई और मरम्मत कार्य
- पेयजल व्यवस्था और पानी की टंकियों की सफाई
- अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना
विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी स्कूल में छात्रों को सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल में ये काम समय पर पूरे नहीं किए गए या लापरवाही बरती गई, तो संबंधित स्कूल मुखियाओं से जवाब तलब किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यों की नियमित निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि सभी स्कूल तय समय सीमा के भीतर तैयार हो जाएं।
छुट्टियों में काम करने का उद्देश्य
पहले अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि स्कूलों के चलने के दौरान मरम्मत कार्य किए जाते हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने फैसला लिया है कि सभी मरम्मत कार्य केवल गर्मी की छुट्टियों में ही पूरे किए जाएं। इससे न केवल पढ़ाई बाधित नहीं होगी, बल्कि स्कूलों की स्थिति भी बेहतर हो सकेगी।
जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश
विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों को निर्देश भेजे हैं। उन्हें कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की निगरानी करें और प्रगति रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि सभी स्कूल किए गए कार्यों का पूरा रिकॉर्ड रखें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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छात्रों के लिए बेहतर वातावरण की तैयारी
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि जब बच्चे 1 जुलाई से स्कूल लौटें तो उन्हें किसी भी तरह की बुनियादी समस्या का सामना न करना पड़े।










