Haryana News: हरियाणा के महिला थाने में पेयजल संकट, कैंपरों के सहारे चल रहा काम

जिले में इन दिनों सूर्यदेव आग उगल रहे हैं और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है। इस भीषण गर्मी और लू के बीच महिला थाने में पेयजल संकट ने पुलिसकर्मियों और फरियादियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 9, 2026

Haryana News: राजस्थान और हरियाणा में भीषण गर्मी का दौर जारी है, जहाँ तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है। ऐसे में जहाँ हर कोई पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है, वहीं रेवाड़ी का महिला थाना पिछले पांच दिनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है। यहाँ की स्थिति इतनी भयावह है कि थाने में कार्यरत पुलिसकर्मियों से लेकर फरियाद लेकर आने वाली महिलाओं तक, हर कोई पानी की किल्लत के चलते बुरी तरह परेशान है।

पांच दिनों से नलों में नहीं है पानी

भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सरकारी कार्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का होना अनिवार्य है, लेकिन रेवाड़ी के महिला थाने में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। मिली जानकारी के अनुसार, थाने की पानी की मोटर या आपूर्ति व्यवस्था पिछले पांच दिनों से पूरी तरह ठप पड़ी है। नलों में पानी न आने के कारण न केवल पुलिसकर्मियों का दैनिक कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि भीषण प्यास बुझाने के लिए भी उन्हें निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

कैंपरों के भरोसे थाना स्टाफ

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि थाने का पूरा स्टाफ अब पानी के कैंपरों पर निर्भर हो गया है। तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि पिछले पांच दिनों से उन्हें पानी के कैंपर मंगवाकर ही काम चलाना पड़ रहा है। थाने में शिकायत लेकर आने वाली महिलाओं और बच्चों को भी पीने के पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है। गर्मी इतनी अधिक है कि बिना पानी के कुछ ही घंटों में डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है, जो पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता को भी प्रभावित कर रही है।

प्रशासनिक दावे बनाम जमीनी हकीकत

एक तरफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे भीषण गर्मी में हाइड्रेटेड रहें और पर्याप्त पानी पीते रहें, वहीं दूसरी तरफ एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय जैसे ‘महिला थाना’ में पीने के पानी का प्रबंध न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। यदि सरकारी इमारतों में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव होगा, तो आम जनता किस भरोसे के साथ अपनी समस्याओं के समाधान के लिए वहाँ जाएगी?

त्वरित समाधान की मांग

थाने में आने वाले स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पेयजल संकट का तुरंत समाधान किया जाए। पेयजल आपूर्ति बहाल करना न केवल एक सुविधा है, बल्कि इस चिलचिलाती धूप में यह एक मानवीय आवश्यकता भी है। यदि समय रहते पानी की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा और भी बढ़ सकता है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की लाइनें चालू नहीं की गईं, तो यह संकट आने वाले दिनों में और भी विकराल रूप ले सकता है।