Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के होनहार और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश की महत्वाकांक्षी ‘सुपर-100’ योजना के तहत अब सीटों का दायरा बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप, अब इस कार्यक्रम में 100 अतिरिक्त सीटें जोड़ दी गई हैं, जिससे कुल सीटों की संख्या 500 से बढ़कर 600 हो गई है। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उन मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात है जो आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) और नीट (NEET) जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।
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दाखिला प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
शिक्षा निदेशालय ने इन 100 नई सीटों पर दाखिले के लिए विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। प्रक्रिया के अनुसार, आवेदन करने की शुरुआत 9 जुलाई 2026 से हो चुकी है। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के सरकारी स्कूलों में इस सूचना का व्यापक प्रसार सुनिश्चित करें ताकि कोई भी योग्य छात्र इस अवसर से वंचित न रहे।
चयन प्रक्रिया का शेड्यूल
आवेदन प्रारंभ: 9 जुलाई 2026
प्रवेश पत्र (Admit Card) डाउनलोड: 12 जुलाई 2026 से
प्रथम चरण की परीक्षा: 14 जुलाई 2026
प्रथम चरण का परिणाम: 17 जुलाई 2026
द्वितीय चरण की परीक्षा: 19 जुलाई 2026
द्वितीय चरण का परिणाम: 23 जुलाई 2026
कक्षाओं का शुभारंभ: 25 जुलाई 2026
सुपर-100: एक मील का पत्थर
कुरुक्षेत्र के बारना गांव में संचालित ‘सुपर-100’ कार्यक्रम हरियाणा के सरकारी स्कूलों के मेधावियों के लिए एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ है। यहाँ चयनित विद्यार्थियों को न केवल रहने और पढ़ने की नि:शुल्क सुविधा दी जाती है, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है। हाल ही में शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए आयोजित हुई प्रक्रिया में 2113 विद्यार्थियों की सफलता ने यह सिद्ध किया है कि सरकारी स्कूलों के छात्र किसी से कम नहीं हैं। बस उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच की आवश्यकता है।
प्रशासन की सक्रियता और निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट हिदायत दी है कि स्कूल मुखियाओं को छात्रों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। विभाग का मानना है कि सीटों में इस विस्तार से न केवल अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य के शैक्षणिक वातावरण में भी सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गरीब लेकिन होनहार बच्चा संसाधनों की कमी के कारण अपने भविष्य को संवारने से न चूके।
यह विस्तार न केवल हरियाणा की शिक्षा नीति की दूरदर्शिता को दर्शाता है, बल्कि यह उन हज़ारों परिवारों के लिए एक आशा की किरण है जो अपने बच्चों को बड़े संस्थानों में पढ़ते हुए देखना चाहते हैं। सुपर-100 कार्यक्रम का यह नया अध्याय हरियाणा के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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