
Haryana News: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले को लेकर एक कड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। नए नियमों के तहत अब ट्रैप केस या छापेमारी के दौरान रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी जमानत पर रिहा होने के बाद भी अपने पुराने पद या उसी स्टेशन पर काम नहीं कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया को सुनिश्चित करने और गवाहों पर दबाव रोकने के उद्देश्य से उठाया है।
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जमानत मिलने पर भी पुरानी जगह तैनाती नहीं

अक्सर यह देखा जाता था कि विजिलेंस द्वारा ट्रैप केस में रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए अधिकारी और कर्मचारी जमानत पर छूटने के बाद वापस उसी कार्यालय या स्टेशन पर अपनी सेवाएं जारी रखते थे, जहां उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा होता है।
सरकार का मानना है कि पद पर बने रहने और स्थानीय संपर्कों के कारण ऐसे आरोपी कर्मचारी शिकायतकर्ता या अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जमानत मिलना पुरानी जगह पर बहाली का आधार नहीं बनेगा। आरोपियों को उनके खिलाफ दर्ज मामले की जांच और मुकदमे की सुनवाई से संबंधित क्षेत्राधिकार से दूर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि वे गवाहों या सबूतों से छेड़छाड़ न कर सकें।
जिला कैडर के कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था
चूंकि जिला कैडर के कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र सामान्यतः एक ही जिले तक सीमित होता है, इसलिए उनका दूसरे जिले में तबादला करना हर बार व्यावहारिक नहीं होता। इस स्थिति को हल करने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं कि यदि आरोपित कर्मचारी जिला कैडर से संबंधित है, तो उसे उसी जिले के भीतर किसी अन्य दूरस्थ स्टेशन पर तैनात किया जाए। इससे वे पुराने कार्यक्षेत्र और अपने प्रभाव वाले दायरे से दूर रहेंगे।
मुख्य सचिव कार्यालय से कड़े निर्देश जारी

हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय के विजिलेंस विभाग ने 27 अक्टूबर 2026 को पत्र क्रमांक 09/49/2025-6VI के तहत इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
यह आदेश प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों, बोर्डों-निगमों के प्रबंध निदेशकों तथा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भेजे गए हैं। विजिलेंस विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेशों के पालन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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