
Haryana News: भारत के इतिहास में कुछ तारीखें और कुछ नाम केवल शब्द नहीं होते, बल्कि वे करोड़ों देशवासियों के दिलों में राष्ट्रभक्ति की ऐसी अलख जगाते हैं जो कभी मंद नहीं पड़ती। ऐसा ही एक गौरवशाली अध्याय ‘आजाद हिन्द फौज’ की स्थापना का है। इसी ऐतिहासिक और पावन अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी वीर सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है और उन्हें शत-शत नमन किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक संदेश के माध्यम से देश के उन तमाम अमर शहीदों के अदम्य साहस को याद किया, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिलाकर रख दी थीं। मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल हमारे स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए हमेशा समर्पित रहने की प्रेरणा भी देता है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिन्द फौज का ऐतिहासिक योगदान

जब भी भारत के स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र होता है, तो ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का ओजस्वी नारा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। नेताजी ने देश की आजादी के लिए केवल वैचारिक लड़ाई नहीं लड़ी, बल्कि विदेशों में रहकर एक सुसंगठित सैन्य बल ‘आजाद हिन्द फौज’ (Indian National Army) का गठन किया।
आजाद हिन्द फौज के सैनिकों ने विपरीत से विपरीत परिस्थितियों, भयंकर जंगलों और संसाधनों के अभाव के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अद्भुत रणकौशल का परिचय दिया था। इस सेना में देश के विभिन्न कोनों से आए वह वीर सैनिक शामिल थे, जिनका एकमात्र सपना भारत माता को विदेशी दास्तां से मुक्त कराना था। नेताजी का यह विजन और आजाद हिन्द फौज के प्रत्येक सिपाही का संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो दुनिया की कोई भी महाशक्ति स्वतंत्रता के मार्ग को रोक नहीं सकती।
वीर सेनानियों का त्याग और राष्ट्रहित सर्वोपरि का संदेश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संदेश में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इन महान वीर सेनानियों का अद्वितीय त्याग, उनका शौर्य और उनका असीम देशप्रेम सदैव हम सभी को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
आज के समय में जब देश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है, तब यह और भी अधिक आवश्यक हो जाता है कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों को याद रखें। मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य हमें यह सिखाता है कि व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देना ही उन सच्चे देशभर्तो को हमारी ओर से सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत

आजाद हिन्द फौज का इतिहास देश के युवाओं के लिए देशभक्ति और अनुशासन का एक जीता-जागता विश्वविद्यालय है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इन शब्दों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना है ताकि वे समझ सकें कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे अनगिनत वीरों का बलिदान और संघर्ष शामिल है।
यह दिवस हमें यह संकल्प लेने का भी अवसर देता है कि हम अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करें और एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिन्द फौज के अमर जवानों की गाथाएं सदियों तक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।
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