
Haryana News: हरियाणा के रोहतक में इस बार का दशहरा महोत्सव बेहद खास और भव्य रहा। मंगलवार देर शाम नई अनाज मंडी के सामने स्थित पुराने शुगर मिल मैदान में श्री सनातनी युवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय पर्व में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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आसमान में रामायण के जीवंत प्रसंग और ड्रोन शो का जादू

महोत्सव का मुख्य आकर्षण लगभग 15 मिनट तक आसमान में दिखाया गया शानदार ड्रोन शो रहा। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन के जरिए आकाश में रामायण के विभिन्न प्रसंगों और धार्मिक आकृतियों को बेहद सुंदर ढंग से उकेरा गया। इसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो त्रेतायुग की गाथा सीधे आसमान पर उतर आई हो। इसके बाद पारंपरिक रूप से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन किया गया, जिससे पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा।
सिनेमा जगत की हस्तियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में शुमार ‘हनुमान अंश’ के कलाकार भी इस भव्य समारोह की शोभा बढ़ाने विशेष रूप से मौजूद रहे। आपको बता दें कि यह फिल्म प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है। इसके अलावा, मथुरा से आए प्रसिद्ध केशव बैंड ने अपनी अनूठी और मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर सहित कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
सीएम नायब सैनी का ओजस्वी संबोधन और संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का यह पवित्र पर्व हमें हमेशा बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की जीत का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शक्ति का वास्तविक उद्देश्य किसी पर अहंकार या अत्याचार करना नहीं है, बल्कि अन्याय का अंत कर समाज में धर्म और न्याय की स्थापना करना है।
भगवान श्रीराम और सनातन संस्कृति की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विजयादशमी से जुड़े प्रसंग—चाहे वह भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध हो या मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार—हमें हमेशा अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सनातन काल के विभिन्न युगों का जिक्र करते हुए कहा कि सतयुग में भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप के अहंकार का नाश किया, त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर गीता का उपदेश देकर मानवता को कर्तव्य और धर्म का मार्ग दिखाया।
भीतर की बुराइयों को समाप्त करना ही असली विजयदशमी
मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय की चुनौतियों पर बात करते हुए कहा कि हर युग में अधर्म ने अलग-अलग रूपों में सिर उठाने का प्रयास किया है, लेकिन धर्म ने हमेशा उसका डटकर मुकाबला किया है। आज के दौर में रावण के एक हजार चेहरे हैं, जिनमें झूठ, द्वेष, आपसी भेदभाव, गलत नीयत, बढ़ता नशा, भ्रष्टाचार और बेटियों के प्रति भेदभाव जैसी बुराइयां शामिल हैं।
उन्होंने अंत में बल देते हुए कहा कि केवल प्रतीकात्मक रूप से रावण का पुतला जलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आज के दिन हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि यही इस महान पर्व का वास्तविक और सच्चा संदेश है।
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