
Haryana News: हरियाणा के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने और राज्य के व्यापारिक दायरे को वैश्विक बाजारों तक फैलाने के उद्देश्य से गुरुग्राम में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य केंद्र राज्य के निर्यात (Export) को रफ्तार देना और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना था।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश के माध्यम से उपस्थित उद्योगपतियों, निर्यातकों और नीति निर्माताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए अगले पांच वर्षों के भीतर प्रदेश के कुल निर्यात को दोगुना करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया।
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एमएसएमई (MSME) को सप्लाई चेन से जोड़ने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य के आर्थिक विकास में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बड़े औद्योगिक घरानों और स्थापित कंपनियों से अपील की कि वे एमएसएमई सेक्टर को अपनी मुख्य सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) का हिस्सा बनाएं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब छोटे और मध्यम उद्योग बड़े घरानों के साथ मिलकर काम करेंगे, तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता और निर्माण क्षमता में भी क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा। एमएसएमई को मजबूती मिलने से राज्य का औद्योगिक ढांचा और अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।
गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर जोर

वैश्विक बाजार की चुनौतियों और मांग को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उद्योगपतियों से गुणवत्ता (Quality) और आधुनिक तकनीक (Technology) पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने के लिए भारतीय उत्पादों को अपनी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करना चाहिए।
कार्यशाला के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। निर्माण प्रक्रियाओं में आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश करना ताकि उत्पादन लागत कम हो और दक्षता बढ़े। उत्पादों की पैकेजिंग, स्थायित्व और गुणवत्ता को वैश्विक बाजार के मानकों के अनुरूप तैयार करना। कच्चे माल की आपूर्ति से लेकर अंतिम उत्पाद के निर्यात तक की प्रक्रिया को सुगम और निर्बाध बनाना।
हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यशाला और मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित ‘निर्यात दोगुना’ करने के विजन से राज्य के उद्योग जगत में एक नया उत्साह देखा जा रहा है। सरकार के इस कदम से आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी तथा विश्व पटल पर ‘मेड इन हरियाणा’ का डंका बजेगा।
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