Haryana News: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में शानदार उपलब्धि हासिल की है। कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रणाली, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल-एरोनॉटिकल एवं मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख विषयों में यूनिवर्सिटी दुनिया की शीर्ष 300 संस्थानों में शामिल हुई है।
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विषयों में विस्तार
पिछले वर्ष यूनिवर्सिटी केवल 5 विषयों में रैंकिंग में थी, जबकि इस बार 11 विषयों में स्थान बनाकर यह दुनिया की शीर्ष 1 प्रतिशत यूनिवर्सिटियों में शामिल हो गई है। कंप्यूटर साइंस, रसायन विज्ञान, व्यवसाय प्रबंधन, गणित, भौतिक विज्ञान, जैविक विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है।
वैश्विक मानकों पर आधारित उपलब्धि
यह सफलता शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शोध पत्रों के उद्धरण, एच-इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क जैसे वैश्विक मानकों पर आधारित है। यूनिवर्सिटी ने इन सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
छात्रवृत्ति योजना
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए यूनिवर्सिटी ने CUCET-2026 के माध्यम से 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। इसमें 200 करोड़ रुपये मोहाली परिसर और 50 करोड़ रुपये लखनऊ परिसर के लिए निर्धारित किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी योग्यता के आधार पर 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकते हैं।
रोजगार के अवसर
वर्ष 2025 में 1300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को 10 हजार से अधिक नौकरी प्रस्ताव दिए। सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय पैकेज 1.74 करोड़ रुपये और घरेलू पैकेज 59.9 लाख रुपये वार्षिक रहा। पिछले दो वर्षों में हरियाणा के 2034 से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है।
रेवाड़ी के विद्यार्थियों की सफलता
रेवाड़ी के कई विद्यार्थियों ने भी आकर्षक नौकरी प्रस्ताव प्राप्त किए। लक्ष्म शर्मा देशवाल को 9 लाख रुपये वार्षिक, तुषार सचदेवा को 8.5 लाख रुपये, आरजू को 8 लाख रुपये, तन्मय गर्ग को 7.64 लाख रुपये और नैना को 6 लाख रुपये वार्षिक वेतन का प्रस्ताव मिला।
शोध और नवाचार
यूनिवर्सिटी के नाम 24 हजार से अधिक शोध प्रकाशन दर्ज हैं। 6000 से अधिक पेटेंट दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें से 260 पेटेंट स्वीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा 44 फैकल्टी सदस्य विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं।
खेलों में पहचान
खेलों में भी यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 में 71 पदक जीतकर यह देश की पहली निजी यूनिवर्सिटी बनी जिसने माका ट्रॉफी जीती। 2025 में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया।










