Hariyana News: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने तकनीक का लाभ आम जन और किसानों तक पहुँचाने के लिए दो बड़ी डिजिटल योजनाओं की शुरुआत की है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार को कम करना और नागरिकों के समय की बचत करना है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम और किसानों के लिए ‘जे-फार्म ऑन व्हाट्सएप्प’ सुविधा का औपचारिक शुभारंभ किया।
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ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम
हरियाणा सरकार ने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए ‘ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम’ लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब लोग अपने घरों और भवनों के निर्माण के लिए नक्शों की अनुमति घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्य लाभ: इस प्रणाली से सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की मजबूरी खत्म होगी। प्रक्रिया तेज होने के साथ-साथ इसमें जवाबदेही तय होगी और मानवीय हस्तक्षेप कम होने से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
प्रथम चरण: शुरुआत में यह सुविधा पुरानी नगर पालिकाओं और कोर क्षेत्रों में स्थित ‘प्लांड रिहायशी प्लाटों’ के लिए शुरू की गई है।
प्रशिक्षण: सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को आवेदन के दौरान किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
किसानों के लिए सौगात
किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकार ने फसल बिक्री के बाद मिलने वाले ‘जे-फार्म’ (J-Form) को सीधे उनके WhatsApp पर भेजने की व्यवस्था की है।
पारदर्शिता और सुविधा: अब किसानों को अपनी फसल का रिकॉर्ड या जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जैसे ही फसल की खरीद दर्ज होगी, जे-फार्म उनके मोबाइल पर आ जाएगा।
तेजी से भुगतान: जे-फार्म प्राप्त होने के आधार पर किसान अपनी फसल की अदायगी (पेमेंट) 72 घंटे के भीतर सीधे अपने खातों में प्राप्त कर सकेंगे।
वर्तमान स्थिति: चालू रबी सीजन के दौरान अब तक लगभग 5 लाख 78 हजार किसानों को 13 लाख 77 हजार से अधिक डिजिटल जे-फार्म जारी किए जा चुके हैं।
खरीद प्रक्रिया और सरकारी आंकड़े
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंडियों में फसल आवक की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में गेहूं की खरीद सुचारू रूप से चल रही है।
गेहूं की आवक: 7 मई 2026 तक मंडियों में करीब 84 लाख 18 हजार टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से अधिकांश की खरीद पूरी हो चुकी है।
बायोमेट्रिक सत्यापन: खरीद प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली से किसानों को कोई असुविधा नहीं हुई, बल्कि इससे पारदर्शिता बढ़ी है।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और मीडिया सचिव भी मौजूद रहे। नायब सरकार की इन डिजिटल घोषणाओं को हरियाणा में ‘ई-गवर्नेंस’ की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों का जीवन सुगम होगा।










