Haryana News: यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा अभियान छेड़ा है। ‘चालान नहीं सलाम मिलेगा’ अभियान के तहत पुलिस ने हाइटेक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नियम तोड़ने वालों पर चौतरफा शिकंजा कसा है। 29 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कुल 15,537 चालान जारी किए हैं। नियमों को ताक पर रखने वाले चालकों पर कुल 1 करोड़ 79 लाख 48 हजार 900 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि आधुनिक ड्रोन और कैमरों के जरिए आसमान से भी नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर पैनी नजर रख रही है।
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जमीनी स्तर पर हुई सख्त चेकिंग
ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत 9,889 चालान मैदानी स्तर (ऑन-ग्राउंड चेकिंग) पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए। जमीनी स्तर पर पुलिस ने उन प्रमुख गलतियों को निशाना बनाया जो अक्सर बड़े सड़क हादसों का कारण बनती हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
गलत दिशा में वाहन चलाना (रॉन्ग साइड ड्राइविंग)
बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के यात्रा करना
शराब पीकर वाहन चलाना (ड्रंक एंड ड्राइव)
अवैध और गलत पार्किंग (रॉन्ग पार्किंग)
सड़कों पर अचानक खतरनाक यू-टर्न लेना
दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग)
तय गति सीमा से तेज वाहन दौड़ाना (ओवरस्पीडिंग)
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल और बार-बार लेन बदलना।
एनएचएआई (NHAI) के कैमरों और ड्रोन का एक्शन
सड़कों पर पुलिस बल की मौजूदगी के साथ-साथ इस बार तकनीक का भी पूरा फायदा उठाया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के हाइटेक कैमरों और सर्विलांस ड्रोन की मदद से कुल 5,648 चालान काटे गए। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में निकलने वाले वाहन भी इन कैमरों की नजर से बच नहीं सके। कैमरों के जरिए मुख्य रूप से नो-एंट्री जोन में घुसने वाले वाहनों, खतरनाक तरीके से लेन बदलने, ओवरस्पीडिंग, वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) न होने और सीट बेल्ट न लगाने वाले चालकों के खिलाफ ऑटोमैटिक ई-चालान की कार्रवाई की गई।
इन तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे पर है विशेष पहरा
ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि एनएच-48 (NH-48), द्वारका एक्सप्रेसवे और मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। इन एक्सप्रेसवे पर चौबीसों घंटे कैमरों और अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए निगरानी की जा रही है। अगर कोई भी चालक यहाँ ट्रैफिक नियमों को तोड़ता है, तो सीधे उसके घर पर चालान पहुंच रहा है।
चालान के साथ जागरूकता
पुलिस का मकसद केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित सफर के प्रति जागरूक करना भी है। इस अभियान के तहत ‘सुरक्षा रथ’ के माध्यम से 12 अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। इन कार्यक्रमों में 350 से अधिक नागरिकों और छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, आपातकालीन सेवा डायल-112 और ट्रैफिक हेल्पलाइन 1095 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके साथ ही, व्यवस्था में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘ट्रैफिक मित्र’ मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत अब तक 188 से अधिक आवेदन मिल चुके हैं, 800 से ज्यादा लोगों को ट्रैफिक मार्शल बनाया गया है और 39 ट्रैफिक मित्रों को बाकायदा प्रशिक्षण देकर सड़कों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैयार किया जा चुका है।










