Haryana News: हर बच्चा किसी न किसी विशेष प्रतिभा के साथ जन्म लेता है, और उसे सही मार्गदर्शन मिलने पर वह असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है। इसी बात को सच कर दिखाया है अंबाला कैंट के 6 साल 6 महीने 9 दिन के बालक अव्यान कौशिक ने, जिन्होंने बेहद कम उम्र में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने स्केट्स पहनकर चलते हुए एक हाथ से लगातार बास्केटबॉल ड्रिब्लिंग कर अपनी दक्षता और संतुलन क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें वर्ष 2026 के रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई है, जिसे India Book of Records द्वारा मान्यता प्रदान की गई।
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रिकॉर्ड बनाने का प्रदर्शन
अव्यान ने यह कारनामा लगभग 10 मिनट 20 सेकंड तक लगातार किया। इस दौरान उन्होंने स्केट्स पर चलते हुए बिना रुके दाएं हाथ से बास्केटबॉल को नियंत्रित तरीके से ड्रिब्ल करते हुए 1055 बार तक गेंद को जमीन पर उछाला। सबसे खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया में उनका संतुलन बिल्कुल नहीं बिगड़ा और न ही गेंद पर पकड़ कमजोर पड़ी। यह प्रदर्शन केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं बल्कि मानसिक एकाग्रता और लंबे अभ्यास का भी परिणाम माना जा रहा है।
खेल के प्रति शुरुआती लगाव
अव्यान का स्केटिंग और खेलों के प्रति लगाव बहुत छोटी उम्र से ही दिखाई देने लगा था। वे नियमित रूप से स्केटिंग का अभ्यास करते थे और घर पर भी स्केट्स पहनकर घूमने और अभ्यास करने में रुचि रखते थे। धीरे-धीरे उनकी मेहनत और अभ्यास ने उनकी क्षमता को निखारा और वे इस रिकॉर्ड तक पहुंच सके।
परिवार और कोच का योगदान
इस उपलब्धि के पीछे केवल अव्यान की मेहनत ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और कोच का भी बड़ा योगदान रहा है। उनके परिवार ने लगातार उन्हें प्रोत्साहित किया और अभ्यास के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराया।
उनकी माता के अनुसार, हर बच्चे में कोई न कोई विशेष क्षमता होती है, जिसे पहचानकर सही दिशा देना जरूरी होता है। अव्यान ने शुरुआत में कुछ सौ ड्रिब्लिंग से अभ्यास शुरू किया था, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए 1000 से अधिक तक पहुंच गया। वहीं उनके पिता का कहना है कि अव्यान बचपन से ही मेडल जीतने और खेलों में आगे बढ़ने का जुनून रखते थे। लगातार अभ्यास और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
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उपलब्धि का महत्व
कम उम्र में इस प्रकार का रिकॉर्ड बनाना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। यह दिखाता है कि निरंतर अभ्यास, सही मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग किसी भी बच्चे को बड़ी सफलता दिला सकता है।










