Haryana News: एशियन गेम्स के महाकुंभ में भारत की बेटियों ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल का लोहा मनवाया है। हरियाणा के रोहतक जिले की होनहार बेटी आशिमा अहलावत ने शूटिंग प्रतियोगिता में देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। महिला शूटिंग ट्रैप टीम इवेंट में आशिमा अहलावत ने अपनी साथी खिलाड़ियों नीरू और मनीषा कीर के साथ मिलकर शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए प्रतिष्ठित रजत (Silver) पदक हासिल किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद से न केवल आशिमा के पैतृक निवास स्थान रोहतक में बल्कि पूरे प्रदेशभर में खुशी और जश्न का माहौल बना हुआ है।
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कड़े मुकाबले में दिखाया दम, देश और प्रदेश का बढ़ाया मान

शूटिंग जैसे बेहद अनुशासन और एकाग्रता वाले खेल में मेडल जीतना आसान नहीं होता। इस मुकाबले के बारे में बात करते हुए आशिमा की माता ने गर्व के साथ बताया कि प्रतियोगिता का स्तर बेहद कफ और चुनौतीपूर्ण था। दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों के बीच मुकाबला चल रहा था, लेकिन उनकी बेटी ने दबाव में भी धैर्य नहीं खोया। आशिमा ने पूरे आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता और कड़ी मेहनत के साथ निशाना साधते हुए भारत को पोडियम तक पहुंचाया। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। परिवार को अपनी लाडली की इस उपलब्धि पर असीम गर्व है।
गोल्ड मेडल जीतने की है तैयारी

एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम करने के बाद भी आशिमा अहलावत का सफर यहां थमने वाला नहीं है। उनकी निगाहें अब दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच यानी ओलंपिक खेलों पर टिकी हैं। आशिमा का अगला और मुख्य लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर देश का तिरंगा सबसे ऊंचे स्थान पर फहराना है। इस बड़े सपने को सच करने के लिए उन्होंने अभी से ही कमर कस ली है। वह अपनी कमियों पर काम करते हुए लगातार पसीना बहा रही हैं और आने वाले राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों के लिए अपनी तैयारी को और अधिक धार दे रही हैं।
रोहतक में भव्य स्वागत की तैयारी, जश्न में डूबा पूरा शहर
रोहतक की इस बेटी की कामयाबी से पूरे इलाके में दीवाली जैसा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय खेल प्रेमियों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने आशिमा के घर पहुंचकर परिवार को बधाइयां दी हैं। परिजनों ने खुशी साझा करते हुए बताया कि जब आशिमा मेडल जीतकर अपने गृह नगर रोहतक वापस लौटेंगी, तो उनका बेहद भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। इस स्वागत समारोह में स्थानीय प्रशासन, खेल जगत के दिग्गजों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। आशिमा की यह सफलता आने वाली पीढ़ी की कई युवा बेटियों को खेलों की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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