Haryana News: हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले, जमीन के बदले मिलेगा 78 लाख रुपये मुआवजा

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पानीपत के किसानों के पक्ष में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 78 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दिया है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 28, 2026

Haryana News: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रदेश के किसानों के हित में एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने पानीपत जिले के सिवाह गांव से जुड़े भूमि अधिग्रहण के एक पुराने मामले में किसानों को बड़ी राहत देते हुए अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य बढ़ाकर 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित कर दिया है। पहले किसानों को इस जमीन के एवज में मात्र 40 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया था। कोर्ट के इस निर्णय से प्रभावित किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक और न्यायसंगत मूल्य मिल सकेगा।

Haryana News: नायब सैनी ने चुनावी व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा, EC के बयान

क्या है पूरा मामला और कब जारी हुई थी अधिसूचना?

Haryana News
हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले

यह पूरा कानूनी विवाद पानीपत के सिवाह गांव में 25 एमएलडी (MLD) क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण के लिए सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है। इस परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 4 के अंतर्गत 28 फरवरी 2013 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद, भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने 26 सितंबर 2013 को इस जमीन का मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया था।

इस मुआवजे की राशि से असंतुष्ट होकर जमीन मालिकों (किसानों) ने मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद यह मामला विभिन्न अपीलों के जरिए हाई कोर्ट तक पहुंचा।

अदालती प्रक्रिया और बिक्री विलेखों (Sale Deeds) का आधार

इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जगमोहन बंसल ने राज्य सरकार और जमीन मालिकों की ओर से दायर की गई कई अपीलों पर एक साझा और विस्तृत फैसला सुनाया। अदालती प्रक्रियाओं के विभिन्न चरणों का सफर इस प्रकार रहा। इससे पहले, संदर्भ अदालत ने 23 जनवरी 2017 को मामले की सुनवाई करते हुए जमीन का बाजार मूल्य बढ़ाकर 64 लाख 64 हजार 102 रुपये प्रति एकड़ कर दिया था। हालांकि, किसान इससे भी संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने उच्च मूल्य की मांग की।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि किसानों ने वर्ष 2010 से 2014 के बीच के कई प्रामाणिक बिक्री विलेख (Sale Deeds) अदालत के समक्ष पेश किए थे। इन दस्तावेजों से यह साबित हुआ कि उस क्षेत्र में जमीन के कुछ वास्तविक लेन-देन एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक की कीमत पर भी हुए थे।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब रिकॉर्ड में वास्तविक और तुलनीय बिक्री विलेख (सच्चे सौदे) उपलब्ध हों, तो पुराने अवार्ड या पूर्व के आंकड़ों को केवल यांत्रिक तरीके से (बिना सोचे-समझे) लागू नहीं किया जा सकता।

किसानों को मिलेगा न्यायोचित लाभ

Haryana News
हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले

अदालत ने सभी साक्ष्यों, पुराने अवार्डों और बिक्री विलेखों की गहन समीक्षा करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि 40 लाख या 64 लाख रुपये का मुआवजा पर्याप्त नहीं है। अंततः, हाई कोर्ट ने सिवाह गांव की इस अधिग्रहित जमीन का उचित और वास्तविक बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ तय कर दिया। हाई कोर्ट के इस फैसले से न केवल पानीपत के इन किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है, बल्कि यह फैसला उन तमाम मामलों के लिए भी एक बड़ा उदाहरण बन गया है जहां भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को उनकी जमीन का सही बाजार भाव मिलने में अड़चनें आती हैं।

Haryana News: कश्मीर पर अनिल विज का बड़ा बयान, पाकिस्तान को दी