Haryana News: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश का असर अब हरियाणा के मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। अंबाला कैंट से होकर गुजरने वाली टांगरी नदी इन दिनों पूरे उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है। पानी के तेज बहाव के कारण नदी किनारे बसे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
घरों तक पहुंचा नदी का पानी
अंबाला कैंट के कई इलाकों से चिंताजनक तस्वीरें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर टांगरी नदी का पानी लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच गया है। कुछ इलाकों में गलियां पूरी तरह पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में डर और बेचैनी का माहौल है।
लोगों का कहना है कि अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो हालात और खराब हो सकते हैं। कई परिवार अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। कुछ लोगों ने एहतियातन अपने जरूरी सामान को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
मवेशियों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे लोग
हालात बिगड़ते देख कई लोग अपने घरों को खाली करने की तैयारी में हैं। ग्रामीण और स्थानीय निवासी अपने घरेलू सामान के साथ-साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि पानी अचानक बढ़ने से उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह समस्या नई नहीं है। हर साल मानसून के दौरान टांगरी नदी के किनारे बसे इलाकों में इसी तरह के हालात बनते हैं। बारिश शुरू होते ही लोगों को जलभराव और बाढ़ जैसे खतरे का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन के दावों पर उठे सवाल
इस बार भी लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मानसून से पहले नदी की सफाई, खुदाई और पानी की निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीन पर कोई ठोस काम नजर नहीं आया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते टांगरी नदी की ड्रेजिंग और नालों की सफाई ठीक तरीके से की जाती, तो आज हालात इतने खराब नहीं होते। पहली ही भारी बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है।
डर के साए में जी रहे लोग
फिलहाल अंबाला कैंट के निचले इलाकों में रहने वाले लोग डर के साए में हैं। उन्हें आशंका है कि अगर बारिश जारी रही तो नदी का पानी घरों के अंदर घुस सकता है। ऐसे में प्रशासन से जल्द राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की जा रही है। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि हर साल आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा।










