Haryana News: आमतौर पर यह देखा जाता है कि राजनीतिक दल विपक्ष में रहते हुए स्वतंत्रता संग्राम के महान वीरों और शहीदों को याद करने में अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद यह उत्साह कई बार कम हो जाता है। ऐसे माहौल में कुछ ही नेता ऐसे होते हैं जो सत्ता में रहते हुए भी इतिहास और राष्ट्रनायकों की स्मृति को जीवित रखने का कार्य लगातार करते हैं। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ऐसे ही नेताओं में शामिल हैं, जिनकी कार्यशैली में कथनी और करनी का स्पष्ट मेल दिखाई देता है।
अंबाला कैंट में विकसित हो रही ऐतिहासिक धरोहर
पिछले 11 वर्षों से अधिक समय से अंबाला कैंट में अपने कार्यकाल के दौरान अनिल विज ने कई ऐसी योजनाओं को धरातल पर उतारा है, जो देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को समर्पित हैं। यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई और उनके नाम पर एक सुंदर पार्क का निर्माण भी कराया गया। इसी तरह शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई है, जबकि उनके साथी सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाओं की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है।
सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक सम्मान का संतुलन
अनिल विज ने केवल स्वतंत्रता सेनानियों ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के प्रतीक डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का भी अनावरण कर समाज को एक मजबूत संदेश दिया है। इसके साथ ही वीरता और पराक्रम के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी भी अंतिम चरण में है। इन सभी प्रयासों के माध्यम से वे इतिहास, समाज और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को एक साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
1857 क्रांति के वीरों के लिए भव्य स्मारक
अंबाला कैंट में 1857 की क्रांति के शहीदों की स्मृति में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल शहीद स्मारक तैयार किया गया है। यह स्मारक अब उद्घाटन की प्रतीक्षा में है। इस स्मारक में अंबाला, मेरठ, राव तुलाराम, दिल्ली, झांसी की रानी और तात्या टोपे सहित अनेक वीरों के योगदान को विस्तार से दर्शाया गया है। इसका उद्देश्य उन अनसुने नायकों को पहचान दिलाना है, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिला।
महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का स्थापना समारोह
अंबाला छावनी के सदर बाजार स्थित टी-प्वाइंट पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यह स्थान अनिल विज का वर्षों पुराना जुड़ाव भी दर्शाता है, क्योंकि वे पिछले लगभग पांच दशकों से यहां नियमित रूप से आते रहे हैं। यह प्रतिमा लगभग साढ़े 12 फुट ऊंची और 16 क्विंटल वजनी है, जिसे जयपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार महावीर भारती ने तैयार किया है। इसके स्थापना समारोह का आयोजन 9 मई को महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए अनिल विज ने अपने स्वैच्छिक कोष से 50 लाख रुपये की राशि भी प्रदान की है। साथ ही, प्रतिमा स्थल पर उचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रात के समय भी इसकी भव्यता स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
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प्रधानमंत्री से उद्घाटन की उम्मीद
अनिल विज ने यह भी उम्मीद जताई है कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति में बनाए गए इस भव्य शहीद स्मारक का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द करेंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में 1857 की क्रांति का उल्लेख किया जाना इस ऐतिहासिक घटना के महत्व को और अधिक उजागर करता है। यह स्मारक देशभर के लोगों को उन वीरों की गाथाओं से परिचित कराएगा, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।










