Haryana News: हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने हाल ही में भिवानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और उनके हितों को लेकर बड़ा आश्वासन दिया है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मंत्री ने न केवल योग की महत्ता पर प्रकाश डाला, बल्कि राज्य में खाद वितरण की नई व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की।
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‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से आसान होगा खाद वितरण
डीएपी (DAP) और यूरिया जैसे खाद की कमी की संभावनाओं पर बोलते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दी गई है। उन्होंने कहा, “पहले खाद लेने के लिए किसानों को आधार कार्ड के आधार पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं होगी।”
मंत्री के अनुसार, अब खाद केवल उन किसानों को प्रदान किया जाएगा जो ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब खाद के लिए कहीं भी लाइनें नहीं लगेंगी। इतना ही नहीं, उन्होंने किसानों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि यदि कहीं भी खाद वितरण को लेकर कोई समस्या आती है या कतारें लगती हैं, तो वे सीधे उन्हें सूचित करें। मंत्री ने वादा किया कि शिकायत मिलते ही वे स्वयं खाद पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
बारिश और फसल बीमा
अक्सर बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान पर चिंता जताने वाले किसानों को जवाब देते हुए श्याम सिंह राणा ने कहा कि बारिश कभी भी नुकसानदेह नहीं होती, बल्कि यह फसल के लिए वरदान साबित होती है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि वे भी खेती करते हैं और पिछली बार बारिश के बाद राज्य में गेहूं की पैदावार में प्रति एकड़ 2 क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे प्रदेश भर में कुल फसल उत्पादन 10 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ गया था।
फसल के नुकसान को लेकर उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के माध्यम से की जाती है। यदि मुआवजे को लेकर कहीं कोई विवाद पैदा होता है, तो उसके निराकरण के लिए छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक कमेटियां गठित की गई हैं, जो नियमों का पालन सुनिश्चित करती हैं।
किसानों और बीमा कंपनियों के बीच विवाद पर बोले मंत्री
जब उनसे उन किसानों के बारे में पूछा गया जो मुआवजा न मिलने के कारण अदालतों का रुख कर रहे हैं, तो मंत्री ने स्वीकार किया कि कई बार किसान और बीमा कंपनियां नियमों का पालन करने में कोताही बरतती हैं, जिसकी वजह से विवाद पैदा होते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना है और इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। कृषि मंत्री का यह बयान राज्य के लाखों किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है, जो खाद के सीजन में अक्सर अव्यवस्था और लंबी लाइनों का सामना करते थे।
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