Haryana News: हरियाणा के किसानों को बड़ा तोहफा! बागवानी के लिए सरकार देगी भारी सब्सिडी

हरियाणा सरकार बागवानी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाओं और सुविधाओं पर काम कर रही है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 13, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार राज्य के कृषि और बागवानी क्षेत्र को पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकालकर इसे अत्यधिक लाभदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना और उन्हें कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इस कड़ी में, राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने जानकारी दी है कि हरियाणा आज सफेद बटन मशरूम के उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी एक बेहद मजबूत पहचान बना चुका है।

मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को यूनिट स्थापित करने पर 40 से 50 प्रतिशत तक की आकर्षक ग्रांट (अनुदान) प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति के किसानों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कई विशेष कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसके तहत विभिन्न बागवानी गतिविधियों पर 85 प्रतिशत तक की भारी-भरकम सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

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जल्द आएगी नई ‘बागवानी नीति’, स्मार्ट तकनीकों पर जोर

प्रदेश में बागवानी के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को और अधिक मजबूत और उन्नत बनाने के लिए सरकार कई महत्वाकांक्षी योजनाएं धरातल पर उतार रही है। बड़े पैमाने पर और आधुनिक तकनीक आधारित बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एक नई और व्यापक ‘बागवानी नीति’ तैयार की जा रही है, जिसे बहुत जल्द पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

चालू वर्ष के दौरान राज्य सरकार का पूरा फोकस स्मार्ट बागवानी तकनीकों के विस्तार पर है। इसके तहत सुरक्षित खेती (Protected Cultivation), एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदेश के सभी जिलों में तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल लगभग 1,000 एकड़ जमीन को इन आधुनिक और कम जमीन में अधिक पैदावार देने वाली तकनीकों के दायरे में लाया जाए।

विभाग का पुनर्गठन और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल की सुविधा

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद केवल फसलों का उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी उपज के बेहतर मूल्य संवर्धन (Value Addition), वैज्ञानिक भंडारण और बाजार में उसकी सटीक मार्केटिंग के लिए मजबूत संस्थागत सहायता देना भी है।

विभाग का नया नाम: इन सभी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बागवानी विभाग के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव है। विभाग का पुनर्गठन कर इसका नया नाम ‘बागवानी और मार्केटिंग विभाग’ किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है।

सालभर खुला रहेगा पोर्टल: किसानों को अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज कराने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वर्ष 2026-27 के दौरान ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर बागवानी फसलों के पंजीकरण की सुविधा सालभर खुली रखी जाएगी। इससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।

कोल्ड चेन पॉलिसी से भंडारण और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

बागवानी उत्पादों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके सुरक्षित भंडारण और बाजार में उचित मूल्य मिलने की होती है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए हरियाणा सरकार एक विशेष ‘कोल्ड चेन पॉलिसी’ भी लागू करने जा रही है।

इस नई नीति के लागू होने से बागवानी फसलों का लंबे समय तक सुरक्षित स्टोरेज संभव हो सकेगा, जिससे बाजार की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। इसके अलावा, इस व्यवस्था के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा के बागवानी और कृषि उत्पादों के निर्यात (Export) को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अंत में कहा कि इन सभी दूरदर्शी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से हरियाणा सरकार कृषि क्षेत्र को पूरी तरह आधुनिक, टिकाऊ और मुनाफे का सौदा बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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