Haryana News: देशभर में फैले आपराधिक नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीन शार्प शूटरों को हरियाणा की सीआईए-1 (CIA-1) पुलिस टीम ने उत्तराखंड के हरिद्वार से धर दबोचा है। पकड़े गए तीनों आरोपी मूल रूप से हरियाणा के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने महज चार दिन पहले महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक नामी फर्नीचर कारोबारी को डरा-धमकाकर दो करोड़ रुपये की मोटी रंगदारी मांगी थी। रकम न मिलने पर जबरन वसूली के इरादे से इन शूटरों ने कारोबारी के शोरूम पर सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था और फरार हो गए थे।
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पुणे में रंगदारी और शोरूम पर फायरिंग से मचा था हड़कंप
इस दुस्साहसिक वारदात की शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे से हुई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों ने पुणे के एक बड़े फर्नीचर व्यापारी को फोन कर धमकी दी और दो करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। कारोबारी ने जब इस धमकी को हल्के में लिया, तो गैंग के मंसूबे और खतरनाक हो गए। रंगदारी के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से 16 मई को तीन हथियारबंद युवक कारोबारी के फर्नीचर हाउस पहुंचे और वहां अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वारदात के तुरंत बाद पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुणे के रावेत थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
महाराष्ट्र और हरियाणा पुलिस का जॉइंट एक्शन
फायरिंग की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत महाराष्ट्र से फरार हो गए। पुणे पुलिस ने जब मामले की तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उन्हें सुराग मिला कि वारदात में शामिल शूटर हरियाणा के रोहतक और उसके आस-पास के जिलों के रहने वाले हैं। इसके बाद पुणे पुलिस ने तुरंत रोहतक पुलिस को पूरे मामले की इनपुट और तकनीकी जानकारी साझा की। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और शूटरों की धरपकड़ के लिए सीआईए-1 की एक विशेष टीम का गठन किया।
हरिद्वार के गेस्ट हाउस में दबिश
रोहतक पुलिस के एएसआई विनोद दलाल के कुशल नेतृत्व में गठित सीआईए टीम ने आरोपियों के इनपुट का पीछा करना शुरू किया। पुलिस टीम को पुख्ता सूचना मिली कि तीनों शूटर अपनी पहचान छुपाकर उत्तराखंड के धार्मिक स्थल हरिद्वार के एक गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए हरिद्वार के उक्त गेस्ट हाउस में अचानक छापेमारी (दबिश) की।
इस घेराबंदी के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
प्रवीण: निवासी गांव छज्जन, जिला झज्जर (हरियाणा)
पंकज: निवासी गांव ककराना, जिला रोहतक (हरियाणा)
सागर: निवासी गांव भैंसवाल, जिला सोनीपत (हरियाणा)
ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले गई पुणे पुलिस
हरियाणा के इन तीनों शूटरों की गिरफ्तारी की सूचना तुरंत पुणे पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुणे पुलिस की एक विशेष टीम भी हरिद्वार पहुंच गई। कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद हरियाणा पुलिस ने तीनों आरोपियों को पुणे पुलिस के हवाले कर दिया। महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पुणे ले गई है, जहां अदालत में पेश कर इन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इन शूटरों को जेल में बंद किस मुख्य हैंडलर ने टास्क दिया था और इन्हें हथियार किसने मुहैया कराए थे।










