Haryana News: हरियाणा में लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने और मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तीसरे चरण का बिगुल फूंक दिया गया है। इस विशाल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए प्रदेश भर में 20,629 बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) की तैनाती की गई है। ये अधिकारी आगामी 15 जून से पूरे एक महीने तक घर-घर जाकर मतदाताओं का डेटा सत्यापित करेंगे।
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15 जून से शुरू होगा डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास के अनुसार, पुनरीक्षण का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है। 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान में बीएलओ हर घर दस्तक देंगे। उनका मुख्य कार्य नए मतदाताओं का पंजीकरण करना, मृत या स्थान छोड़ चुके मतदाताओं के नाम हटाना और मौजूदा विवरणों में सुधार करना होगा।
इस अभियान के लिए 1 जुलाई 2026 को अहर्ता तिथि (Qualifying Date) माना गया है। यानी, जो युवा 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के पात्र होंगे। अभियान से पूर्व 5 जून से 14 जून तक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मतदाता सूची का वर्तमान स्वरूप और राजनीतिक भागीदारी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 12 मई 2026 तक हरियाणा में कुल मतदाताओं की संख्या 2,06,63,155 दर्ज की गई है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राजनीतिक दलों को भी शामिल किया गया है। अब तक विभिन्न दलों द्वारा 12,917 बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त किए जा चुके हैं, जो बीएलओ की कार्यप्रणाली पर नजर रखेंगे और सहयोग करेंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक विस्तृत टाइमलाइन जारी की है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो—
प्रशिक्षण अवधि: 5 जून से 14 जून, 2026
घर-घर सत्यापन (डोर-टू-डोर): 15 जून से 14 जुलाई, 2026
प्रारूप प्रकाशन (Draft Publication): 21 जुलाई, 2026
दावे और आपत्तियां दर्ज करना: 21 जुलाई से 20 अगस्त, 2026
निस्तारण की अवधि: 21 जुलाई से 18 सितंबर, 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 22 सितंबर, 2026
आम जनता के लिए अपील और अधिकार
21 जुलाई को जब मतदाता सूची का मसौदा (ड्राफ्ट) प्रकाशित होगा, तब नागरिक अपना नाम चेक कर सकेंगे। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या कोई जानकारी गलत है, तो वे 20 अगस्त तक अपनी आपत्ति या दावा पेश कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि 22 सितंबर को जब अंतिम सूची जारी हो, तो वह पूरी तरह शुद्ध और अपडेटेड हो।
यह अभियान न केवल नए मतदाताओं को जोड़ने का अवसर है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में शुद्धता सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। यदि आपके घर बीएलओ आते हैं, तो उन्हें सही जानकारी देकर इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना सहयोग सुनिश्चित करें।










