Haryana News: हरियाणा के NCR एरिया पर बड़ा अपडेट, सीमा यथावत रखने का निर्णय

हरियाणा सरकार ने NCR क्षेत्र की सीमा में किसी भी प्रकार के बदलाव से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले से राज्य के 14 जिलों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब सवाल यह है कि क्या यह निर्णय हरियाणा के विकास, प्रदूषण नियंत्रण और भविष्य की योजनाओं पर बड़ा असर डालेगा।

हरियाणा के NCR एरिया पर बड़ा अपडेट

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 16, 2026

Haryana News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की उच्च स्तरीय बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के NCR क्षेत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण नीति स्पष्ट की है। उन्होंने साफ कहा कि हरियाणा के मौजूदा NCR (National Capital Region) क्षेत्र की सीमाओं में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। इस निर्णय के साथ ही उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें NCR की सीमा पुनः निर्धारित करने की संभावना जताई जा रही थी।

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सीमा बदलाव की अटकलों पर पूर्ण विराम

पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही थी कि हरियाणा के कुछ ऐसे जिले, जो दिल्ली से लगभग 100 किलोमीटर के दायरे से बाहर आते हैं, उन्हें NCR क्षेत्र से हटाया जा सकता है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा था कि इन क्षेत्रों को NCR नियमों से कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मौजूदा NCR सीमा यथावत बनी रहेगी और इसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं होगा।

हरियाणा के 14 जिलों पर पड़ेगा प्रभाव

NCR सीमा में किसी भी तरह की कटौती न होने से हरियाणा के 14 जिलों को इसका सीधा लाभ मिलता रहेगा। इन जिलों को केंद्र सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय सहायता मिलती रहेगी। साथ ही, इन क्षेत्रों में चल रही बड़ी परियोजनाएं जैसे मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे निर्माण और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को भी गति मिलती रहेगी।

प्रदूषण नियंत्रण नियम रहेंगे सख्त

बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। NCR क्षेत्र में लागू सख्त प्रदूषण नियंत्रण नियम पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे। इसमें ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, वायु गुणवत्ता खराब होने पर विशेष प्रतिबंध और पुराने वाहनों पर नियंत्रण शामिल हैं। नियमों के अनुसार, 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर पहले की तरह ही पाबंदी जारी रहेगी।

पर्यावरण संरक्षण और अरावली क्षेत्र की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। NCR क्षेत्र में स्थित अरावली पहाड़ियों और अन्य प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों (Natural Conservation Zones) में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

विकास परियोजनाओं को मिलेगा नया बल

NCR सीमा यथावत रहने से क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को और मजबूती मिलेगी। मेट्रो रेल नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकेंगी। इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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