Haryana Free Education: हरियाणा सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और समावेशी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी में है। सरकार द्वारा संचालित मॉडल संस्कृति स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जल्द ही पूरी तरह निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रस्ताव के तहत प्रवेश शुल्क और मासिक फीस दोनों को समाप्त करने का विचार है, जिससे हजारों छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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फीस समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार
शिक्षा विभाग ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है, तो आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इन स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी। इसका अर्थ है कि विद्यार्थियों को न तो प्रवेश के समय कोई शुल्क देना होगा और न ही हर महीने फीस जमा करनी पड़ेगी।
वर्तमान में ली जाने वाली फीस
अभी तक इन मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों से अलग-अलग कक्षाओं के अनुसार फीस ली जाती है। कक्षा 1 से 5 तक प्रवेश लेने वाले छात्रों से लगभग 500 रुपये का शुल्क लिया जाता है, जबकि कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए यह शुल्क करीब 1000 रुपये है। इसके अलावा, हर महीने 200 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की फीस भी जमा करनी होती है। यह खर्च कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बोझ बन जाता है, जिसे सरकार अब खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा लाभ
फीस खत्म होने से सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को होगा जो सीमित आय में अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं। अब ऐसे परिवार बिना आर्थिक दबाव के अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ा सकेंगे। इससे शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और अधिक बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ पाएंगे।
मॉडल संस्कृति स्कूलों की खासियत
हरियाणा में मॉडल संस्कृति स्कूल योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी। इन स्कूलों की पहचान सामान्य सरकारी स्कूलों से अलग है। यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और भाषा को भी शिक्षा का अहम हिस्सा बनाया गया है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का चयन भी विशेष प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। सरकारी शिक्षकों को यहां नियुक्त होने के लिए एक परीक्षा पास करनी होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा मिले। साथ ही, छात्रों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास भी किया जाता है।
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भविष्य के लिए सकारात्मक पहल
यह प्रस्ताव न केवल शिक्षा को सुलभ बनाएगा, बल्कि राज्य में शिक्षा के स्तर को भी ऊंचा उठाएगा। यदि इसे लागू किया जाता है, तो हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकता है, जहां गुणवत्ता और समान अवसर दोनों को प्राथमिकता दी जाती है।










