Jind Factory Fire: हरियाणा के जींद में रंग फैक्ट्री में भीषण आग, ताला लगा होने से 5 महिलाओं की मौत

जींद के सफीदों में होली के रंग बनाने वाली फैक्ट्री अचानक 'मौत का चैंबर' बन गई। आग लगते ही जब मजदूर भागने लगे तो बाहर ताला लटका मिला। 5 महिलाओं की जिंदा जलने से मौत और 20 के गंभीर रूप से झुलसने के बाद क्या प्रशासन इस संगीन लापरवाही पर कड़ी सजा देगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 7, 2026

Jind Factory Fire: हरियाणा के जींद जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शनिवार को सफीदों की भाट कॉलोनी स्थित एक गुलाल और रंग बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 5 महिला मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 17 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में भी अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। होली के त्योहार से ठीक पहले हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

सफीदों की भाट कॉलोनी में चीख-पुकार, धुएं के गुबार में फंसी जिंदगियां

जानकारी के अनुसार, सफीदों की भाट कॉलोनी स्थित इस फैक्ट्री में शनिवार को सामान्य दिनों की तरह करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। सुबह अचानक फैक्ट्री परिसर से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरे परिसर में काला धुआं भर गया। अंदर मौजूद मजदूरों में अपनी जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

बाहर से बंद था गेट: कैद होकर रह गईं महिला मजदूर

हादसे का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि काम के दौरान फैक्ट्री के मुख्य द्वार (मेन गेट) पर बाहर से ताला लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि आग लगने के बाद जब उन्होंने बाहर भागने की कोशिश की, तो ताला लगा होने के कारण वे अंदर ही फंस गए। बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण महिलाएं आग की लपटों और दम घोटने वाले धुएं के बीच कैद होकर रह गईं, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बना।

जान बचाने के लिए छत से कूदे लोग, युवाओं ने दिखाया साहस

जब आग फैक्ट्री के प्रवेश द्वार तक फैल गई, तो अंदर फंसे लोगों के पास निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। अपनी जान बचाने के लिए कुछ मजदूर फैक्ट्री की छत पर चढ़ गए और वहां से नीचे कूदने लगे। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय युवा मदद के लिए दौड़े। इन युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर फैक्ट्री में प्रवेश किया और कई झुलसे हुए लोगों को बाहर निकाला। बाद में पुलिस ने दीवार तोड़कर रास्ता बनाया ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया जा सके।

मृतकों की पहचान और घायलों का उपचार

इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही झुलसने से मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान पूजा (वार्ड नंबर 13, सफीदों), उषा (आदर्श कॉलोनी, सफीदों), पिंकी (सिंघपुरा) और गुड्डी (सफीदों) के रूप में हुई है। एक अन्य मृतका की पहचान के प्रयास अभी जारी हैं। गंभीर रूप से झुलसे हुए मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद पानीपत और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।

प्रशासनिक जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल

हादसे की जानकारी मिलते ही जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गेट पर ताला लगाने जैसे गंभीर विषयों की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को उचित सहायता दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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