Haryana News: गुरुग्राम से हिसार तक शहरी विकास को मिलेगा बल, बने 5 नए IAS पद

Haryana News: हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य के आईएएस कैडर की स्वीकृत संख्या में वृद्धि करते हुए इसे 215 से बढ़ाकर 226 कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य को 11 अतिरिक्त आईएएस पद प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी। Harmanpreet Kaur Breaks 8 Years Old Record: पाकिस्तान को रौंदकर भारत ने रचा इतिहास, हरमनप्रीत कौर ने तोड़ा मिताली राज का 8 साल पुराना रिकॉर्ड केंद्र सरकार ने जारी

गुरुग्राम से हिसार तक शहरी विकास को मिलेगा बल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 15, 2026

Haryana News: हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य के आईएएस कैडर की स्वीकृत संख्या में वृद्धि करते हुए इसे 215 से बढ़ाकर 226 कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य को 11 अतिरिक्त आईएएस पद प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।

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केंद्र सरकार ने जारी की नई अधिसूचना

केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर शक्ति निर्धारण) सातवां संशोधन विनियम, 2026 की अधिसूचना जारी की गई है। इसके तहत हरियाणा के आईएएस कैडर का पुनर्गठन किया गया है। इससे पहले वर्ष 2018 में कैडर की संख्या 205 से बढ़ाकर 215 की गई थी। लगभग साढ़े सात साल बाद हुए इस संशोधन को राज्य प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

महानगरों को मिली अलग प्रशासनिक पहचान

नई कैडर व्यवस्था की सबसे अहम विशेषता राज्य के प्रमुख शहरों के लिए अलग प्रशासनिक पदों का सृजन है। तेजी से विकसित हो रहे गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और हिसार की महानगर विकास प्राधिकरणों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के लिए पांच नए आईएएस कैडर पद बनाए गए हैं। इन पदों के गठन से शहरी विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे के विस्तार और महानगरीय परियोजनाओं की निगरानी को अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

वरिष्ठ पदों की संख्या में भी वृद्धि

कानूनी विशेषज्ञ हेमंत कुमार के अनुसार राज्य सरकार के अधीन वरिष्ठ ड्यूटी पदों की संख्या 117 से बढ़ाकर 123 कर दी गई है। इससे प्रशासनिक तंत्र में अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ेगी और विभिन्न विभागों में कार्यों का बेहतर समन्वय संभव हो सकेगा। इसके साथ ही प्रतिनियुक्ति रिजर्व तथा प्रत्यक्ष भर्ती से जुड़े पदों में भी वृद्धि की गई है।

विभिन्न श्रेणियों के पदों में बदलाव

नए संशोधन के तहत कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक पदों की संख्या में पुनर्संतुलन किया गया है। वित्त आयुक्त एवं प्रधान सचिव स्तर के पद 12 से घटाकर 10 कर दिए गए हैं, जबकि सचिव स्तर के पदों की संख्या 9 से घटाकर 7 कर दी गई है। दूसरी ओर महानिदेशक और आयुक्त श्रेणी के पदों में बढ़ोतरी करते हुए इनकी संख्या 1 से बढ़ाकर 3 कर दी गई है। इसी प्रकार निदेशक और परियोजना निदेशक स्तर के पदों को 1 से बढ़ाकर 5 कर दिया गया है।

नए जिले के गठन का भी दिखा प्रभाव

दिसंबर 2025 में हांसी को हरियाणा का 23वां राजस्व जिला घोषित किए जाने के बाद प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत उपायुक्त (डीसी) पदों की संख्या 22 से बढ़ाकर 23 कर दी गई है। साथ ही अतिरिक्त उपायुक्त-सह-सीईओ, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण एवं अतिरिक्त कलेक्टर के पदों की संख्या 7 से बढ़ाकर 8 की गई है।

प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति कोटा बढ़ा

नई अधिसूचना के अनुसार प्रत्यक्ष भर्ती के माध्यम से चयनित होने वाले आईएएस अधिकारियों के पदों की संख्या 150 से बढ़ाकर 158 कर दी गई है। वहीं हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) और अन्य राज्य सेवाओं से पदोन्नति प्राप्त कर आईएएस बनने वाले अधिकारियों का कोटा 65 से बढ़ाकर 68 कर दिया गया है।

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प्रशासनिक दक्षता में होगा सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि आईएएस कैडर में यह वृद्धि राज्य की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करेगी। इससे विकास परियोजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, विभागों में अधिकारियों की कमी दूर होगी तथा जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।