Haryana News: हाइड्रोजन ट्रेन पर सियासत तेज, असीम गोयल ने हुड्डा के दावों को किया खारिज

जींद में हाइड्रोजन ट्रेन के उद्घाटन से पहले हरियाणा की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दावों पर भाजपा नेता असीम गोयल ने पलटवार करते हुए विकास का श्रेय मोदी सरकार को दिया। आखिर इस परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी क्यों तेज हुई और इसके पीछे क्या वजह है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

असीम गोयल ने हुड्डा के दावों को किया खारिज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 13, 2026

Haryana News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के उद्घाटन से पहले हरियाणा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा परियोजना को लेकर दिए गए बयान पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। गोयल ने कहा कि केवल योजनाओं की कल्पना करना और उन्हें कागजों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि असली उपलब्धि उन्हें जमीन पर सफलतापूर्वक लागू करने में होती है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने भले ही कई योजनाओं की शुरुआत का दावा किया हो, लेकिन उनका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाने का काम वर्तमान सरकार ने किया है। गोयल के अनुसार, विकास कार्यों का मूल्यांकन उनके परिणामों से होना चाहिए, न कि केवल घोषणाओं से।

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मोदी सरकार के विकास कार्यों का किया समर्थन

असीम गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जिन परियोजनाओं की घोषणा की, उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी किया। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में दिखाई देने वाले कई बड़े विकास कार्य केंद्र सरकार की नीतियों और प्रतिबद्धता का परिणाम हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत सरकार की उपलब्धियों पर सवाल उठा सकता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जनता विकास कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देख रही है। गोयल ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट है।

पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर टिप्पणी

आपको बता दें कि, पंजाब कांग्रेस में चल रही आंतरिक कलह पर भी असीम गोयल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने का कि कांग्रेस की कई राज्यों इलाकइयों में संगठनात्मक विवाद लगातार सामने आते रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा ही इन मतभेदों की मुख्य वजह है।

गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के बीच जारी खींचतान जनहित के मुद्दों पर नहीं, बल्कि सत्ता और नेतृत्व की दौड़ को लेकर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की आंतरिक राजनीति कांग्रेस में कोई नई बात नहीं है और समय-समय पर यह स्थिति सामने आती रही है।

राहुल गांधी को दी संगठन पर ध्यान देने की सलाह

पूर्व मंत्री ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें केवल विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी पार्टी की जमीनी स्थिति का भी गंभीरता से आकलन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता पिछले कुछ वर्षों में पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। गोयल के मुताबिक, यह स्थिति संगठन के भीतर बढ़ती असंतुष्टि का संकेत है, जिस पर पार्टी नेतृत्व को ध्यान देने की आवश्यकता है।

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बिहार में टिकट वितरण को बताया कार्यकर्ताओं के सम्मान का संदेश

बिहार में एक विधानसभा सीट पर पार्टी के एक मंडल अध्यक्ष को उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले पर भी असीम गोयल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस निर्णय को संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। गोयल ने कहा कि किसी महत्वपूर्ण सीट पर जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता को मौका देना यह दर्शाता है कि पार्टी केवल बड़े नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मेहनत और समर्पण के आधार पर कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर देती है। उनके अनुसार, इस तरह के फैसले संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाते हैं।