Haryana: हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग का जिन्न एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस के पांच विधायकों पर लटकी अनुशासन की तलवार फिलहाल टल गई है। पार्टी के भीतर चल रही उठापटक के बीच अब यह स्पष्ट हो गया है कि इन विधायकों के राजनीतिक भविष्य का फैसला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों और अंतिम चरण के मतदान के बाद ही होगा।
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चुनावी व्यस्तता बनी देरी की वजह
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधायकों पर कार्रवाई में देरी का मुख्य कारण शीर्ष नेतृत्व की चुनावी व्यस्तता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे फिलहाल असम और पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार में पूरी तरह समर्पित हैं। इसी कारण हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर अब तक कोई ठोस चर्चा नहीं हो पाई है।
29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल चुनाव का अंतिम चरण संपन्न होना है। माना जा रहा है कि इसके बाद दिल्ली में हाईकमान की एक विशेष बैठक होगी, जिसमें हरियाणा के इन पांच विधायकों के भाग्य पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
किन विधायकों पर है क्रॉस वोटिंग का शक?
16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को अपना प्रत्याशी बनाया था। जीत के बावजूद, पार्टी को अपने ही कुछ विधायकों की निष्ठा पर संदेह हुआ। जांच के बाद अनुशासन समिति ने 18 मार्च को चार विधायकों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया:
शैली चौधरी (नारायणगढ़)
रेणु बाला (साढ़ौरा)
मोहम्मद इसराइल (हथीन)
मोहम्मद इलियास (पुन्हाना)
इसके बाद 20 मार्च को रतिया से विधायक जरनैल सिंह को भी इस घेरे में लेते हुए नोटिस थमाया गया।
दो धड़ों में बंटे विधायक
नोटिस मिलने के बाद विधायकों की प्रतिक्रिया भी अलग-अलग रही है। शैली चौधरी, रेणु बाला और जरनैल सिंह ने लिखित जवाब में अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है और दावा किया है कि उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को ही वोट दिया था।
वहीं, मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इसराइल की चुप्पी पार्टी के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इन दोनों विधायकों ने न तो अब तक नोटिस का जवाब दिया है और न ही इनकी बयानबाजी पार्टी लाइन के अनुरूप रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इनका पार्टी से अलग रुख इन्हें कड़ी कार्रवाई की ओर ले जा सकता है।
दिल्ली में अहम बैठक
एक तरफ जहाँ क्रॉस वोटिंग का मामला लटका हुआ है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपना ध्यान आगामी निकाय चुनावों पर केंद्रित कर रही है। आज दिल्ली में हरियाणा कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह जैसे दिग्गज नेता शामिल होंगे।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगम चुनावों के लिए जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करना है। पार्टी चाहती है कि अंदरूनी कलह के बावजूद स्थानीय चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत रखी जाए।









