हरियाणा सरकार ने गेहूं की 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाई MSP

चंडीगढ़. हरियाणा में गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय हो गया है। किसानों को पिछले साल से इस बार 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे। रबी-2026 सीजन में गेहूं के लिए सरकार ने एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। पिछली बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी था। सूबे में एक अप्रैल से सरकार गेहूं की खरीद करने जा रही है। गेहूं खरीद की तैयारियों व लक्ष्य आदि मामलों को लेकर शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर की उपस्थिति में बैठक होगी। आगामी निर्णय इसी में लिए जाएंगे। 560 मंडियों में

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Published On :

मार्च 11, 2026

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चंडीगढ़.

हरियाणा में गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय हो गया है। किसानों को पिछले साल से इस बार 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे। रबी-2026 सीजन में गेहूं के लिए सरकार ने एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। पिछली बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी था। सूबे में एक अप्रैल से सरकार गेहूं की खरीद करने जा रही है।

गेहूं खरीद की तैयारियों व लक्ष्य आदि मामलों को लेकर शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर की उपस्थिति में बैठक होगी। आगामी निर्णय इसी में लिए जाएंगे।

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560 मंडियों में होगी खरीद
हरियाणा में रबी फसलों की खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल 560 मंडियों और खरीद केंद्रों पर व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। रबी-2026 की खरीद प्रक्रिया को लेकर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी सचिवों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। खरीद व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने शनिवार को अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में खरीद की तिथि, लक्ष्य, भंडारण की उपलब्धता और मंडियों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

गेटपास व्यवस्था में होगा बदलाव
इस सीजन में किसानों के लिए गेटपास व्यवस्था में बदलाव करने की भी तैयारी है। फिलहाल योजना है कि जियो-फेंसिंग तकनीक के जरिए किसानों के गेटपास जारी किए जाएं। खरीफ-2025 के दौरान किसानों को घर बैठे गेटपास काटने की सुविधा दी गई थी, लेकिन धन बेचने के बाद सरकार ने जियो-फेंसिंग जैसे विकल्प अपनाने का निर्णय लिया है।

पारदर्शिता के लिए इस बार सख्त नियम
इस बार सरसों की खरीद के लिए एमएसपी पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही टोकन नंबर दिया जाएगा। किसान के अंगूठे से बारकोड स्कैन किया जाएगा। गेटपास जारी करने के लिए क्यूआर कोड मंडी गेट पर ही जनरेट किया जाएगा। किसान जिस वाहन में सरसों लेकर आएगा, उसका नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा, अन्यथा गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। यह सभी नियम फसल खरीद को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू किए जा रहे हैं। नई अनाज मंडी में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होने की संभावना है।

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