Haridwar Ardh Kumbh 2027: जर्मन हैंगर तकनीक से बनेगा भव्य गंगा मंडप, 3000 श्रद्धालु होंगे शामिल

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 को भव्य और यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए गंगा किनारे आधुनिक तकनीक से विशाल मंडप तैयार किया जाएगा। इसमें एक साथ 3000 लोग शामिल हो सकेंगे। आखिर कैसा होगा यह मंडप और क्या-क्या खास सुविधाएं मिलेंगी? जानिए पूरी जानकारी।

जर्मन हैंगर तकनीक से बनेगा भव्य गंगा मंडप

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

नवम्बर 8, 2026

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Haridwar Ardh Kumbh 2027: हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इसी कड़ी में मेला प्राधिकरण ने भव्य गंगा मंडप तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 3000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस अस्थायी परिसर में एक साथ लगभग 3000 श्रद्धालुओं के बैठने और खड़े होने की व्यवस्था होगी। यहां संतों के प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह मंडप जनवरी से अप्रैल तक चलने वाले अर्धकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगा।

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जर्मन हैंगर तकनीक से तैयार होगा आधुनिक मंडप

गंगा मंडप का निर्माण जर्मन एल्युमिनियम हैंगर या इसी तरह की आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इसके लिए कम से कम 3000 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता होगी। मंडप के बीच की ऊंचाई लगभग 55 फीट और किनारों की ऊंचाई 15 फीट निर्धारित की गई है। इसकी छत पर तीन परतों वाला विशेष अग्निरोधक और वाटरप्रूफ कपड़ा लगाया जाएगा। इससे बारिश, तेज हवा और मौसम की अन्य चुनौतियों के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। परिसर में मजबूत प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिस पर सजावटी कालीन बिछाने के साथ अर्धकुंभ की थीम के अनुसार आकर्षक सजावट की जाएगी।

मुख्य मंच और वीआईपी व्यवस्था भी होगी खास

मंडप के भीतर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बड़ा मंच तैयार किया जाएगा। मुख्य मंच की लंबाई 25 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर होगी। इसके अलावा 12 मीटर लंबा और आठ मीटर चौड़ा एक अतिरिक्त मंच भी बनाया जाएगा। यहां संतों के प्रवचन, धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। वीआईपी मेहमानों और कलाकारों के लिए दो विशेष लाउंज तथा आठ ग्रीन रूम तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा पत्रकारों के लिए मीडिया ट्रिब्यून बनाया जाएगा, जहां से कार्यक्रमों की कवरेज की जा सकेगी।

3000 कुर्सियां और चार प्रवेश द्वार होंगे तैयार

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडप में 3000 प्लास्टिक कुर्सियां, 300 दो सीटर वीआईपी सोफा सेट और 50 लकड़ी की मेजें रखी जाएंगी। मंच के आसपास विशेष बैठने की व्यवस्था और फूलों से सजावट की जाएगी। परिसर में चार प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार अलग-अलग केबिन तैयार होंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए छह सूचना केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहां उन्हें कार्यक्रमों और परिसर से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

बड़ी एलईडी स्क्रीन और आधुनिक साउंड सिस्टम

मंडप में कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां 32 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। इसके अलावा 12 फीट लंबी और आठ फीट चौड़ी चार अन्य स्क्रीन भी स्थापित होंगी। इससे दूर बैठे श्रद्धालु भी मंच पर चल रहे कार्यक्रमों को आसानी से देख सकेंगे। ध्वनि व्यवस्था के लिए स्पीकर, माइक्रोफोन, मिक्सर, एम्पलीफायर और रिकॉर्डिंग सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। रोशनी के लिए फ्लड लाइट और एलईडी लाइट के साथ 150 सीलिंग फैन लगाए जाएंगे। गर्मी से राहत देने के लिए एसी, कूलर और मिस्ट फैन की व्यवस्था भी होगी।

सुरक्षा, सफाई और भोजन की भी रहेगी व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंडप के अंदर और बाहर स्टील की बैरिकेडिंग की जाएगी। प्रवेश द्वारों पर जांच की व्यवस्था होगी और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। आग से बचाव के लिए अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। शौचालयों की व्यवस्था के तहत वीआईपी लाउंज और ग्रीन रूम से जुड़े चार शौचालय तथा 25 स्टील के शौचालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए 10 फूड स्टॉल तैयार किए जाएंगे, जहां खाने-पीने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बिजली और कर्मचारियों के लिए विशेष इंतजाम

कार्यक्रमों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए 250 केवीए और 125 केवीए क्षमता वाले दो जनरेटर सेट रखे जाएंगे। साथ ही वैकल्पिक बिजली व्यवस्था भी की जाएगी। मंडप के संचालन के लिए परियोजना प्रबंधक, निर्माण पर्यवेक्षक, साउंड तकनीशियन, इलेक्ट्रीशियन, सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों की तैनाती होगी। पूरी व्यवस्था संभालने के लिए 35 सुरक्षा गार्ड और 25 सफाई कर्मचारियों का प्रावधान किया गया है। कर्मचारियों को तीन पालियों में जिम्मेदारी निभानी होगी। इस तरह गंगा मंडप को अर्धकुंभ के दौरान धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है।

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