Haridwar Accident: श्रावण मास के पावन अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं। इसी बीच हरिद्वार से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डाल दिया। ज्वालापुर इलाके में नहर में स्नान के दौरान चार कांवड़ यात्रियों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, जल पुलिस और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद चारों युवकों के शव नहर से बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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सुरक्षित घाट छोड़कर नहर में उतरना पड़ा भारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा जटवाड़ा पुल के पास स्थित नहर में हुआ। चारों कांवड़ यात्री निर्धारित स्नान घाटों के बजाय नहर के उस हिस्से में चले गए, जहां स्नान करना सुरक्षित नहीं माना जाता। नहाने के दौरान अचानक वे गहरे पानी की चपेट में आ गए और देखते ही देखते डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सूचना मिलने पर पुलिस और जल पुलिस की टीमों ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद चारों के शव बरामद किए गए।
चंडीगढ़ से हरिद्वार आए थे सभी श्रद्धालु
पुलिस के अनुसार, मृतक कांवड़ यात्रियों का संबंध चंडीगढ़ से था। वे गंगाजल लेने के उद्देश्य से अपने साथियों के साथ हरिद्वार पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि चारों की आयु लगभग 16 से 18 वर्ष के बीच थी। इस हादसे के बाद उनके साथ आए अन्य श्रद्धालुओं और परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
पुलिस ने शुरू की वैधानिक कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। साथ ही हादसे के सभी पहलुओं की जांच भी की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
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प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील
हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। विभिन्न स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ तथा जल पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु निर्धारित घाटों के बजाय प्रतिबंधित या असुरक्षित स्थानों पर स्नान करने चले जाते हैं, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। चेतावनी वाले स्थानों और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सहयोग के माध्यम से ही ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।










