Lockdown In India: देश में लॉकडाउन की अफवाहों पर लगा विराम! हरदीप पुरी ने बताया क्या है सरकार का प्लान?

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $122 प्रति बैरल पार कर गई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर चल रही लॉकडाउन की अफवाहों को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 27, 2026

Lockdown In India: दुनिया भर में अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के बीच भारत सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताया है।

लॉकडाउन की अफवाहें निराधार और पूरी तरह गलत

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से देश में फिर से लॉकडाउन लगने की चर्चाएं तेज थीं। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है और इससे समाज में बेवजह डर का माहौल पैदा होता है। उन्होंने नागरिकों से शांत और एकजुट रहने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल

पिछले एक महीने में वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखी गई है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $70 प्रति बैरल से छलांग लगाकर $122 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। इसका सीधा असर दुनिया भर के उपभोक्ताओं पर पड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में तेल की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका में भी 20% से 30% का इजाफा हुआ है।

मोदी सरकार का फैसला

बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच सरकार के सामने दो रास्ते थे। पहला यह कि वैश्विक दरों के हिसाब से देश में भी कीमतें बढ़ा दी जाएं, और दूसरा यह कि सरकार खुद इस वित्तीय घाटे को सहे। हरदीप पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने दूसरा विकल्प चुना ताकि आम आदमी को अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से बचाया जा सके। सरकार लगातार सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत निगरानी में ऊर्जा सुरक्षा

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी सरकार की तैयारियों पर मुहर लगाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि देश के किसी भी हिस्से में ईंधन या अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति (Essential Supply) में रुकावट न आए। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि सरकार ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। शीर्ष स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक प्रशासन मुस्तैद है।

वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत रणनीति

भारत ने अतीत में भी कई वैश्विक अनिश्चितताओं का डटकर सामना किया है। पेट्रोलियम मंत्री ने दोहराया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों (Energy Needs) को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय और समन्वित कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर भारतीय नागरिकों की जेब और रसोई पर कम से कम पड़े।