Hantavirus Outbreak: स्पेन के कैनरी द्वीप पर पहुंचे लग्जरी क्रूज जहाज MV होंडियस में हंतावायरस संक्रमण को लेकर चिंता के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। जहाज पर मौजूद दो भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से नीदरलैंड भेज दिया गया है और दोनों पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि दोनों में किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
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जहाज पर 150 लोग, भारतीय क्रू भी शामिल
यह क्रूज जहाज ओशियनवाइड एक्सपीडिशंस द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसकी यात्रा 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान हंतावायरस संक्रमण की आशंका सामने आने के बाद जहाज को स्पेन के कैनरी द्वीप पर रोका गया। जहाज पर लगभग 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें दो भारतीय भी शामिल थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उतारा गया।
भारतीयों को क्वारंटीन में रखा जाएगा

भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों भारतीय नागरिकों को एहतियात के तौर पर नीदरलैंड भेजा गया है, जहां उन्हें क्वारंटीन में रखा जाएगा। यह कदम पूरी तरह सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया है। स्पेन में भारत के राजदूत जयंत एन. खोबरागड़े लगातार स्थानीय प्रशासन और दोनों नागरिकों के संपर्क में हैं, ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सके।
WHO की टीम जांच में जुटी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी टीम को जांच के लिए भेजा है। WHO और स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय मिलकर यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और संक्रमण के जोखिम का आकलन कर रहे हैं। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष चार्टर फ्लाइट्स की व्यवस्था की गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान जहाज को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया और स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया।
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WHO ने जारी किए दिशा-निर्देश
WHO ने इस मामले को लेकर एडवाइजरी जारी करते हुए सदस्य देशों को सतर्क रहने को कहा है। एजेंसी ने बताया कि एंडीज वायरस (ANDV) जैसे कुछ मामलों में बहुत सीमित स्तर पर मानव से मानव संक्रमण देखा गया है, लेकिन यह आमतौर पर बहुत करीबी संपर्क में ही फैलता है। 8 मई तक दुनिया में हंतावायरस के कुल 8 मामले सामने आए हैं, जिनमें 3 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें से अधिकांश मामलों में एंडीज वायरस की पुष्टि हुई है।
भारत में कोई खतरा नहीं: ICMR
भारत में इस खबर के बाद चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने लोगों को घबराने से मना किया है। संस्थान के निदेशक के अनुसार, ये मामले फिलहाल आयातित और अलग-थलग हैं और भारत में किसी भी प्रकार का सामुदायिक संक्रमण नहीं पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है। इंसानों के बीच इसका फैलाव बेहद दुर्लभ है।
क्या है हंतावायरस?
हंतावायरस एक ऐसा संक्रमण है जो संक्रमित कृंतकों (चूहों) से फैलता है। यह वायरस अक्सर बंद या कम हवादार जगहों जैसे जहाज, गोदाम या स्टोर रूम में ज्यादा फैलने की संभावना रखता है। संक्रमण के लक्षण 1 से 8 सप्ताह के भीतर दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है, हालांकि समय पर पहचान और इलाज से जोखिम कम किया जा सकता है।
स्थिति नियंत्रण में, घबराने की जरूरत नहीं
फिलहाल विशेषज्ञों और स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े खतरे या महामारी की आशंका नहीं है। सभी यात्रियों की निगरानी और जांच जारी है, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
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