UP News: योगी सरकार सख्त, जिम्मेदार इंजीनियर निलंबित और विभागीय कार्रवाई शुरू

हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब गिरने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। योगी सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का वादा किया है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 29, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के स्लैब गिरने से हुई दुखद घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। राज्य सरकार ने घटना के बाद सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से बड़ी कार्रवाई की है। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद सहायक अभियंता (Assistant Engineer) गजेंद्र कुमार चौधरी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, डीपीएम (DPM) दिलीप कुमार के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निष्पक्ष जांच का आदेश

हादसे की जांच प्रक्रिया को तेज करते हुए सरकार ने विशेषज्ञों की तकनीकी टीमों को मौके पर बुलाया है। इस जांच के दायरे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पुल की मजबूती और विभागीय निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका को भी रखा गया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध हो। मुख्यमंत्री की नीति के अनुरूप, प्रशासन ने दोहराया है कि दोषी पाए जाने पर किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका पद कितना ही ऊंचा क्यों न हो।

निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से 6 श्रमिकों की मौत

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शुक्रवार (29 मई) तड़के लगभग 3 बजे हमीरपुर जिले के लालपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत परसानी और कंदौर गांवों के बीच घटी। तेज आंधी के कारण बेतवा नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। दुखद यह रहा कि घटना के समय कई श्रमिक पुल के स्लैब के ऊपरी हिस्से पर ही सो रहे थे। मलबे के नीचे दबने से 6 मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

पीड़ित परिवारों को राहत

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में की गई है। राहत और बचाव कार्य के दौरान अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें घायलों के उपचार पर पूरी नजर बनाए हुए हैं और परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

निर्माण सुरक्षा पर सवाल

हमीरपुर के इस पुल हादसे ने सार्वजनिक निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तड़के हुए इस हादसे में मजदूरों की मौत ने निर्माण स्थलों पर ‘वर्कसाइट सेफ्टी’ (Worksite Safety) और श्रमिकों के रहने के स्थान की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चुनौती पेश की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट में पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर क्या चौंकाने वाले खुलासे होते हैं और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।