Hamirpur Accident: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में तेज तूफान के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। इस दर्दनाक घटना में अब तक छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ लोग अभी भी फंसे हुए बताए जा रहे हैं।
न्यायपालिका पर हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, बोला- जजों को पवित्र मानने की जरूरत नहीं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का तुरंत संज्ञान लिया और गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सीएम ने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
राहत और बचाव कार्य में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर पूरी तत्परता के साथ काम करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की निगरानी करने और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए कहा है, ताकि फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
सोशल मीडिया पर सीएम का संदेश
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का गिरना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है। उन्होंने मृत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना भी की।
स्थानीय प्रशासन का बयान
हमीरपुर के एएसपी अरविंद कुमार वर्मा के अनुसार, यह घटना 28 और 29 मई की मध्यरात्रि लगभग 2 बजे की है। थाना लालपुर क्षेत्र में मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने के लिए बन रहे पुल का स्लैब अचानक गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू किया गया।
मलबे में फंसे मजदूर और रेस्क्यू प्रयास
प्रशासन ने बताया कि कुछ मजदूर अभी भी पुल के खंभों में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। अब तक छह लोगों के मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से पांच की पहचान कर ली गई है।
कैंसर से जंग लड़ रहीं पंकज भदौरिया, फैंस से बोलीं- प्रार्थनाओं की जरूरत है
मृतकों की पहचान और क्षेत्रीय जानकारी
इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर बांदा और हमीरपुर जिलों से संबंधित बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे ही मौजूद थे, जिससे वे मलबे में दब गए। यह निर्माण कार्य एक राज्यसभा सांसद के प्रयासों से चल रहा था।










