Indian Air Force : भारत की रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण क्षमता के लिहाज से शुक्रवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित विशेष पूजा समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की मौजूदगी में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों की नई खेप संबंधित संस्थानों को सौंपी। इस कार्यक्रम को भारत के स्वदेशी विमानन उद्योग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
भारतीय वायुसेना को मिले तेजस के दो ट्विन-सीटर ट्रेनर
हस्तांतरण कार्यक्रम के दौरान HAL ने भारतीय वायुसेना को दो एलसीए तेजस FOC यानी फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान सौंपे। इन विमानों का इस्तेमाल वायुसेना के पायलटों को आधुनिक लड़ाकू विमान संचालन की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। HAL के मुताबिक, इन दो विमानों की डिलीवरी के साथ 2010 में किए गए अनुबंध के तहत चार ट्विन-सीटर तेजस विमानों की आपूर्ति पूरी हो गई है।

70 HTT-40 विमानों के अनुबंध की भी शुरू हुई डिलीवरी
तेजस के अलावा HAL ने भारतीय वायुसेना के लिए HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान की डिलीवरी भी शुरू कर दी है। 70 HTT-40 विमानों के अनुबंध के तहत यह शुरुआती आपूर्ति है। यह विमान भारतीय वायुसेना में नए पायलटों की प्रारंभिक उड़ान ट्रेनिंग के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे पायलट प्रशिक्षण के लिए स्वदेशी प्लेटफॉर्म की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
तेजस विमान आधुनिक प्रशिक्षण जरूरतों के अनुरूप तैयार
एलसीए तेजस को 4.5 जनरेशन का हल्का, बहुउद्देश्यीय और हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम विमान बताया गया है। ट्विन-सीटर संस्करण को विशेष रूप से प्रशिक्षण जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। प्रशिक्षक और प्रशिक्षु दोनों के लिए सीट उपलब्ध होने के कारण यह विमान लड़ाकू पायलटों को आधुनिक उड़ान और परिचालन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देने में उपयोगी होगा।

पवन हंस को सौंपे गए चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन हेलीकॉप्टर
नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए HAL ने पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन यानी Dhruv NG हेलीकॉप्टर भी सौंपे। इन हेलीकॉप्टरों को नागरिक इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। यह भारत में निर्मित नागरिक प्रमाणित 5.5 टन श्रेणी का लाइट ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर है, जिसे अलग-अलग नागरिक और व्यावसायिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
14 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर
ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर में एक बार में 14 यात्रियों को ले जाने की क्षमता बताई गई है। इसकी अधिकतम गति करीब 285 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी बहुउपयोगिता के कारण इसे वीआईपी परिवहन, एयर एंबुलेंस, आपदा राहत और ऑफशोर ऑपरेशन्स जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है। नागरिक विमानन में इसके शामिल होने से स्वदेशी हेलीकॉप्टरों के उपयोग का दायरा बढ़ सकता है।

राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को बताया अहम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हस्तांतरण को भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि देश सैन्य विमानन के साथ-साथ नागरिक और वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में भी अपनी निर्माण क्षमता विकसित कर रहा है। HAL द्वारा निर्मित विमानों और हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति को घरेलू एयरोस्पेस उद्योग के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्वदेशी एयरोस्पेस उत्पादन को मिलेगी नई गति
तेजस, HTT-40 और ध्रुव एनजी की अलग-अलग भूमिकाएं भारतीय विमानन क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती हैं। जहां तेजस और HTT-40 वायुसेना की प्रशिक्षण जरूरतों से जुड़े हैं, वहीं ध्रुव एनजी नागरिक विमानन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। इस तरह एक ही कार्यक्रम में रक्षा और नागरिक विमानन दोनों क्षेत्रों के लिए स्वदेशी प्लेटफॉर्म की डिलीवरी हुई।
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