Haiti Gang Attack : हैती में गैंग का खूनी हमला, 47 लोगों की मौत, 50 से ज्यादा लोगों किया अगवा

हैती की राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के पास Kenscoff में गैंग के खूनी हमले ने पूरे देश को दहला दिया। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक कम से कम 47 लोग मारे गए और 50 से अधिक लोगों का अपहरण हुआ। हमलावरों ने घर जलाए और बंधकों को मारने की धमकी भी दी। आखिर किसने किया हमला?

Haiti Gang Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 26, 2026

Haiti Gang Attack : कैरेबियाई देश हैती में हथियारबंद गैंग की हिंसा ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस के पास सशस्त्र गिरोह ने अचानक हमला कर कम से कम 47 लोगों की हत्या कर दी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हमलावर 50 से अधिक लोगों को अगवा करके अपने साथ ले गए हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, यह हमला पिछले सप्ताह के आखिर में हुआ, जब गैंग के सदस्यों ने चर्च में शरण लेकर रह रहे विस्थापित लोगों को निशाना बनाया।

चर्च में शरण लिए लोगों पर बरपा कहर

हमले में चर्च के आसपास शरण लिए विस्थापित लोग सीधे गैंग के निशाने पर आ गए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों की बेहद बेरहमी से हत्या की गई। इस घटना को हाल के वर्षों में हैती में हुई सबसे गंभीर सामूहिक हिंसा और अपहरण की घटनाओं में से एक माना जा रहा है। हमले ने इलाके में पहले से मौजूद असुरक्षा और भय के माहौल को और गहरा कर दिया है।

रविवार रात से सोमवार तक जारी रहा खून-खराबा

द हैतियन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, केन्सकॉफ में गैंग के सदस्यों ने रविवार रात हमला शुरू किया। स्थानीय मेयर मैसिलॉन जीन ने बताया कि हिंसा रविवार रात करीब 10:30 बजे शुरू हुई और सोमवार रात तक जारी रही। हथियारबंद हमलावर कस्बे के अलग-अलग हिस्सों में घूमते रहे और लोगों को निशाना बनाते रहे। लंबे समय तक जारी हिंसा के कारण स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

केन्सकॉफ पर गैंग लगातार बढ़ा रहे दबाव

केन्सकॉफ पोर्ट-ओ-प्रिंस के दक्षिण-पूर्व में लगभग 15 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में स्थित है। पिछले कई महीनों से यह क्षेत्र उन सशस्त्र समूहों के निशाने पर है, जो अपने प्रभाव और नियंत्रण का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब राजधानी के बड़े हिस्से पर पहले से ही गैंग का प्रभाव और नियंत्रण बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था के सामने लगातार चुनौती बढ़ रही है।

बंधकों की हत्या की गैंग ने दी धमकी

हमले के बाद गैंग के एक कथित सरगना ने बंधकों को लेकर गंभीर धमकी दी है। उसने कहा कि यदि इलाके को सुरक्षित करने के अभियान के दौरान गिरोह के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचाया गया, तो बंधकों की हत्या कर दी जाएगी। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इस व्यक्ति ने हैती की राष्ट्रीय पुलिस के निदेशक व्लादिमीर पैराइसन को सीधे धमकी दी। साथ ही उसने गैंग के खिलाफ कार्रवाई के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी भी दी।

‘इजो 2’ नाम से सामने आया गैंग सदस्य

वीडियो में धमकी देने वाले गैंग सदस्य ने अपनी पहचान ‘इजो 2’ के रूप में बताई। यह नाम कथित तौर पर ‘इजो’ यानी जॉनसन आंद्रे से जुड़ा है, जिन्हें हैती के प्रभावशाली गैंग नेताओं में गिना जाता है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने न सिर्फ बंधकों की सुरक्षित रिहाई, बल्कि हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की चुनौती भी खड़ी हो गई है।

विशेषज्ञ ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ वैश्विक पहल में हैती ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रोमेन ले कूर ने घटना को सरकार और पुलिस के लिए एक गंभीर संदेश बताया। उनके मुताबिक, गैंग यह दिखाना चाहते हैं कि वे अपनी मर्जी से किसी भी इलाके में हमला कर सकते हैं और सुरक्षा बल उन्हें रोकने में सफल नहीं हो रहे हैं। इस हमले ने हैती में सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल

हैती में संयुक्त राष्ट्र के एकीकृत कार्यालय यानी बिनुह के अनुसार, हमले में मारे गए 47 लोगों में कम से कम पांच बच्चे भी शामिल हैं। सरकार ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री एलिक्स डिडियर फिल्स-एमे के कार्यालय की ओर से जारी बयान में पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

लंबे समय से हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा हैती

हैती लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार, प्राकृतिक आपदाओं और शक्तिशाली हथियारबंद गैंग की हिंसा से जूझ रहा है। ये गिरोह हत्या, अपहरण, लूटपाट और यौन हिंसा जैसी गंभीर घटनाओं के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। पोर्ट-ओ-प्रिंस के बड़े हिस्से में गैंग का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं।

लाखों लोग विस्थापित, खाद्य संकट भी गंभीर

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 1.1 करोड़ आबादी वाले हैती में लगभग 15 लाख लोग विस्थापित हैं। वहीं, 50 लाख से अधिक लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। देश में राजनीतिक संकट भी लंबे समय से जारी है। 2016 के बाद से राष्ट्रीय चुनाव नहीं हुए हैं। तत्कालीन राष्ट्रपति जोवेनेल मोइस की जुलाई 2021 में हत्या कर दी गई थी। अब दिसंबर 2026 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन मौजूदा सुरक्षा संकट उनके आयोजन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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