गुटखा व्यापारी वाधवानी की केस ट्रांसफर की अर्जी खारिज, कोर्ट ने आधार को बताया अविश्वसनीय

इंदौर  करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में फंसे गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी को जिला कोर्ट से झटका लगा है। वाधवानी का केस एडीजे शुभ्रा सिंह की कोर्ट में चल रहा है। वाधवानी ने इस केस को किसी अन्य न्यायालय में ट्रांसफर करने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दिया था। उसका कहना था कि जज शुभ्रा सिंह के पिता से उसके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई और भविष्य में किसी विवाद से बचने के लिए केस को ट्रांसफर करना जरूरी है। अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा इधर जज शुभ्रा

Wrriten By :

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Published On :

फ़रवरी 7, 2026

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इंदौर
 करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में फंसे गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी को जिला कोर्ट से झटका लगा है। वाधवानी का केस एडीजे शुभ्रा सिंह की कोर्ट में चल रहा है।

वाधवानी ने इस केस को किसी अन्य न्यायालय में ट्रांसफर करने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दिया था। उसका कहना था कि जज शुभ्रा सिंह के पिता से उसके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई और भविष्य में किसी विवाद से बचने के लिए केस को ट्रांसफर करना जरूरी है।

अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा

इधर जज शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को भेजी टिप्पणी में स्पष्ट कहा कि उनके पिता जस्टिस सिंह का अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा। न तो उन्होंने अपने पिता से अभियुक्तों के संबंध में कभी कोई चर्चा सुनी और न ही अभियुक्तों को उनके पिता के निवास पर आते-जाते देखा।

उनकी कोर्ट में पहले भी ये केस चला है, जिसे उन्होंने निराकृत किया था तथा उस समय कोई आपत्ति नहीं की गई थी। वह वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक इंदौर में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-सीबीआइ थीं और उस दौरान भी उन्होंने अभियुक्तों के प्रकरणों की सुनवाई की थी।

17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया

वर्तमान में उन्होंने 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया है। चूंकि वह लगातार आरोप पर बहस के लिए कह रही हैं और इसके लिए लंबी-लंबी तारीख नहीं दी जा रही थीं, संभवत: इसी कारण से यह स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत किया गया है।

 

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