Afghanistan vs India ODI: भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से उभरकर सामने आया है—गुरनूर बराड़। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी पहली वनडे इंटरनेशनल सीरीज में ही शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। यह सीरीज उनके करियर की डेब्यू सीरीज थी, जिसमें उन्होंने लगातार बेहतरीन गेंदबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। तीन मैचों की इस वनडे सीरीज में गुरनूर ने हर मुकाबले में कम से कम एक विकेट जरूर लिया, जो उनकी निरंतरता और नियंत्रण को दर्शाता है।
प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाजी, रोहित के तीन कैच ने मचाया धमाल
तीसरे वनडे में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
सीरीज के निर्णायक तीसरे मैच में गुरनूर बराड़ ने अफगानिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज मोहम्मद नबी को आउट कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसी विकेट के साथ उन्होंने अपनी डेब्यू सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस खास उपलब्धि के साथ उन्होंने कई बड़े भारतीय गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने इससे पहले यह कीर्तिमान अपने नाम किया था।
पूरे सीरीज में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन
गुरनूर ने इस सीरीज में बेहद प्रभावशाली गेंदबाजी की। धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे मैच में उन्होंने 27 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। इसके बाद लखनऊ में खेले गए दूसरे मैच में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखते हुए तीन विकेट झटके। तीसरे और अंतिम मैच में उनके निर्णायक विकेट ने उन्हें रिकॉर्ड बुक में दर्ज कर दिया। पूरी सीरीज में उन्होंने कुल 7 विकेट हासिल किए।
पुराने रिकॉर्ड तोड़े
इससे पहले भारत के लिए डेब्यू वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड युजवेंद्र चहल और प्रसिद्ध कृष्णा के नाम था। दोनों गेंदबाजों ने अपनी-अपनी डेब्यू सीरीज में 6-6 विकेट लिए थे।
- युजवेंद्र चहल ने 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।
- प्रसिद्ध कृष्णा ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू में 6 विकेट लिए थे।
लेकिन अब गुरनूर बराड़ ने 7 विकेट लेकर इन दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है।
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घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन
गुरनूर बराड़ का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है। वह 2025 सीजन से आईपीएल में गुजरात टाइटंस का हिस्सा हैं, हालांकि अभी तक उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला है। इसके बावजूद, घरेलू टूर्नामेंटों में उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 6 मैचों में 10 विकेट लिए थे। वहीं विजय हजारे ट्रॉफी में 8 मैचों में 11 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया था।










