गुजरात का बुलडोजर अभियान तेज़: राजकोट में 1400+ अवैध ढांचों पर कार्रवाई

राजकोट गुजरात के राजकोट में रविवार को नगर निगम के अधिकारियों ने शहर में अवैध कब्जे हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में 1,489 अवैध इमारतों को गिराया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी के आदेश मिलने के बाद, राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने जंगलेश्वर इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।   क्या बोले अधिकारी? म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा ने बताया कि पुलिस की मदद से जंगलेश्वर में अजी नदी के किनारे और म्युनिसिपल टाउन प्लानिंग रोड पर बनी 1,489 संपत्तियों को हटाया जाएगा। निगम

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Published On :

फ़रवरी 23, 2026

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राजकोट

गुजरात के राजकोट में रविवार को नगर निगम के अधिकारियों ने शहर में अवैध कब्जे हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में 1,489 अवैध इमारतों को गिराया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी के आदेश मिलने के बाद, राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने जंगलेश्वर इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  

क्या बोले अधिकारी?
म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा ने बताया कि पुलिस की मदद से जंगलेश्वर में अजी नदी के किनारे और म्युनिसिपल टाउन प्लानिंग रोड पर बनी 1,489 संपत्तियों को हटाया जाएगा। निगम ने शनिवार से ही लोगों से घर खाली करवाना शुरू कर दिया था।

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम
इस अभियान को पूरा करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तिनगर सर्कल के पास सेठ हाई स्कूल में 2,500 से ज्यादा निगम अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि कई लोग शांति से घर खाली कर रहे हैं और उन्हें अपना सामान ले जाने की छूट दी गई है। यह काम नियमों के मुताबिक ही किया जाएगा। कमिश्नर सुमेरा ने बताया कि मौके पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है और वे खुद पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।

क्या बोले लोग?
हालांकि, प्रशासन के इस कदम से वहां दशकों से रह रहे लोगों में काफी गुस्सा है। जंगलेश्वर गली नंबर तीन के रहने वाले हारुनभाई सुमरा ने बताया कि वे 43 साल से इस इलाके में रह रहे हैं। वे और उनकी बहन दोनों दिव्यांग हैं और मजदूरी करके पेट पालते हैं। उन्होंने कहा, 'हमें सिर्फ दो दिन पहले बताया गया कि हमारा घर गिरा दिया जाएगा। अब हम कहां जाएंगे? हमें शायद सड़कों पर रहना पड़े।'

वहीं, एक अन्य निवासी हालिनबेन ने कहा कि उनका परिवार 50 साल से यहां रह रहा है और उन्हें घर खाली करने का आदेश मिला है। उन्होंने कहा, 'आठ लोगों के परिवार को कोई भी किराए पर घर देने के लिए तैयार नहीं है। हम सड़क पर रहने की तैयारी कर रहे हैं।'

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