Gujarat News: सूरत की ज्वेलरी फैक्ट्री में बड़ा हादसा, सेप्टिक टैंक में उतरे चार मजदूरों की मौत

गुजरात के सूरत में आज सुबह एक दिल दहला देने वाला बड़ा हादसा हो गया। वराछा इलाके में एक फैक्ट्री के ईटीपी (ETP) प्लांट की टंकी साफ करने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 7, 2026

Gujarat News: गुजरात के हीरा और कपड़ा कारोबार के गढ़ सूरत से आज सुबह एक बेहद कलेजा कँपा देने वाली खबर सामने आई है। शहर के वराछा इलाके में शुगर मार्केट के पास स्थित एक नामी ज्वेलरी फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। यहाँ फैक्ट्री के ईटीपी (ETP) प्लांट की टंकी, जिसे सेप्टिक टैंक भी कहा जा रहा है, उसकी सफाई करने उतरे चार बेकसूर मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दम घुटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। आज सुबह जैसे ही यह खबर पूरे इलाके में फैली, वहाँ हड़कंप मच गया और फैक्ट्री परिसर में कोहराम मच गया। प्रशासनिक अमले से लेकर स्थानीय पुलिस तक तुरंत मौके पर दौड़ पड़ी।

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सफाई करने उतरे थे मजदूर

रोजाना की तरह आज सुबह भी मजदूर अपनी आजीविका के लिए काम पर निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस टैंक की सफाई करने वो उतर रहे हैं, वो उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। मिली जानकारी के मुताबिक, वराछा शुगर मार्केट के पास मौजूद इस ईटीपी प्लांट की टंकी की सफाई का काम चल रहा था। एक-एक करके चार मजदूर इस गहरे और संकरे टैंक के भीतर दाखिल हुए। सफाई का काम अभी शुरू ही हुआ था कि अचानक टैंक के भीतर सालों से जमा खतरनाक और जहरीली गैस का गुबार उठा। गैस का असर इतना तेज और जानलेवा था कि इन मजदूरों को संभलने या बाहर भागने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला। जहरीली हवा फेफड़ों में जाते ही चारों मजदूरों का दम घुटने लगा और वे तड़पते हुए तुरंत टंकी के अंदर ही बेहोश हो गए।

फायर ब्रिगेड को मिली थी सिर्फ एक की सूचना

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान और परेशान करने वाली बात तब सामने आई जब सुबह करीब 10:22 बजे दमकल विभाग (फायर डिपार्टमेंट) को इस घटना की सूचना दी गई। कंट्रोल रूम में फोन करने वाले ने बताया था कि टंकी के अंदर सिर्फ एक शख्स फंसा हुआ है और उसकी जान खतरे में है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम कुछ ही मिनटों के भीतर सायरन बजाती हुई घटना स्थल पर पहुंच गई। लेकिन जैसे ही दमकलकर्मियों ने टैंक के भीतर ऑक्सीजन मास्क लगाकर प्रवेश किया, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर एक नहीं, बल्कि चार मजदूर बेहद गंभीर हालत में बेसुध पड़े हुए थे।

घंटों की भारी मशक्कत के बाद निकाले गए शव

फायर ब्रिगेड की जांबाज टीम ने बिना वक्त गंवाए तुरंत एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गैस का असर इतना घातक था कि बचाव दल को भी अंदर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत और कड़ी जद्दोजहद के बाद, रस्सी और विशेष उपकरणों की मदद से चारों लोगों को एक-एक करके बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर फैक्ट्रियों में मजदूरों की सुरक्षा और बिना सेफ्टी गियर के जहरीले टैंकों में उतारने वाली जानलेवा लापरवाही पर बहुत बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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