Gujarat News: ‘धक-धक’ गाने पर डांस कर फंसी छात्रा, रोते हुए पूछा- साड़ी में अश्लीलता कहां?

गुजरात की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी में ABVP के 'संस्कार संगम' कार्यक्रम में 'धक-धक करने लगा' गाने पर डांस करने वाली छात्रा का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। ट्रोलिंग से परेशान छात्रा ने भावुक वीडियो जारी कर पूछा कि साड़ी पहनकर डांस करना अश्लीलता कैसे हो गया। कांग्रेस और एनएसयूआई ने भी इस आयोजन पर सवाल उठाए हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 14, 2026

Gujarat News: गुजरात की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। हाल ही में यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें एक छात्रा माधुरी दीक्षित के सदाबहार गीत ‘धक-धक करने लगा’ पर नृत्य करती दिखाई दे रही है। वीडियो के सामने आते ही नेटिज़न्स और स्थानीय लोगों ने विश्वविद्यालय की गरिमा और कार्यक्रम की प्रकृति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, जिससे संस्थान की ‘संस्कारी’ छवि पर बहस छिड़ गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयोजन पर उठे राजनीतिक सवाल

बताते चले कि, यह पूरा विवाद इसलिए भी तूल पकड़ रहा है क्योंकि यह नृत्य प्रदर्शन ABVP के बैनर तले आयोजित ‘संस्कार संगम’ कार्यक्रम का हिस्सा था। वायरल फुटेज में छात्रा के पीछे लगे बैकड्रॉप पर स्पष्ट रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और ‘संस्कार’ शब्द लिखे देखे जा सकते हैं। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) ने तीखा हमला बोला है। विपक्षी संगठनों का तर्क है कि ‘संस्कारी नगरी’ वडोदरा की मुख्य यूनिवर्सिटी में इस तरह के प्रदर्शन भाजपा समर्थित छात्र विंग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हैं।

छात्रा का स्पष्टीकरण: “मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रही हूँ”

वहीं, चारों ओर से हो रही आलोचनाओं और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच, पीड़िता छात्रा ने अपना एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। वीडियो में छात्रा बेहद भावुक और रोती हुई नजर आ रही है। उसने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने शालीनता के साथ साड़ी पहनी थी, तो इसमें अश्लीलता कहां से आ गई?” छात्रा ने स्वीकार किया कि शायद गाने का चयन गलत हो सकता था, लेकिन जिस तरह से उसे व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है, उससे वह गहरी मानसिक प्रताड़ना (Mental Trauma) महसूस कर रही है।

संगठनों से दूरी और करियर पर संकट की चिंता

छात्रा ने यह भी साफ किया कि उसका किसी भी राजनीतिक संगठन (न तो एबीवीपी और न ही एनएसयूआई) से कोई लेना-देना नहीं है। वह केवल एक कलाकार के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुई थी। छात्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय में एनुअल एग्जाम (वार्षिक परीक्षाएं) करीब हैं और इस विवाद ने उसकी पढ़ाई और एकाग्रता को बुरी तरह प्रभावित किया है। उसने लोगों से अपील की है कि एक डांस वीडियो के आधार पर उसके चरित्र और भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

इस घटनाक्रम के बाद अब यूनिवर्सिटी प्रशासन भी कटघरे में है। कई अभिभावकों और शिक्षाविदों का कहना है कि जब परीक्षाओं का समय नजदीक है, तो प्रशासन पढ़ाई के माहौल के बजाय ऐसे विवादास्पद आयोजनों (Controversial Events) की अनुमति कैसे दे रहा है। फिलहाल, विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक सख्त रुख सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर ‘संस्कार’ बनाम ‘स्वतंत्रता’ की यह जंग जारी है।