Gujarat Nikay Chunav: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए रविवार, 26 अप्रैल को मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह चुनाव राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में शहरी और ग्रामीण स्वशासन संस्थाएं शामिल हैं। इस व्यापक चुनाव में कुल 393 निकायों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिनमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन ने मतदान को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मोरबी में कलेक्टर किरण बी. ज़ावेरी ने वार्ड नंबर 3 के मतदान केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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कई जिलों में तेज मतदान, बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में
तापी जिला में जिला पंचायत, तालुका पंचायत और व्यारा नगरपालिका के लिए मतदान जारी है। यहां कुल 755 मतदान केंद्रों पर 178 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। इन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विभिन्न दलों के कुल 501 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य मंत्री जयराम गामित ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इस चुनाव में करीब 4.18 करोड़ मतदाता हिस्सा ले रहे हैं, जिनके लिए लगभग 50,000 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 9,992 प्रतिनिधियों का चुनाव होना है। नाम वापसी के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि कुछ उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह के मतदान की संभावना
इन चुनावों में देश के प्रमुख नेताओं की भागीदारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। नरेंद्र मोदी के अहमदाबाद के रानीप इलाके स्थित एक मतदान केंद्र पर वोट डालने की संभावना है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शहर के किसी मतदान केंद्र पर अपना वोट डाल सकते हैं।
इसके अलावा, आनंदीबेन पटेल (वर्तमान में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल) के थलतेज क्षेत्र में वोट डालने की उम्मीद है, जबकि मंगूभाई पटेल नवसारी में मतदान कर सकते हैं।
सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान
मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। यदि किसी क्षेत्र में आवश्यकता हुई, तो अगले दिन पुनर्मतदान कराया जा सकता है। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को की जाएगी। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गर्मी को ध्यान में रखते हुए कई लोग सुबह जल्दी मतदान करने पहुंच रहे हैं।
चुनाव का राजनीतिक महत्व
ये निकाय चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि ये आने वाले समय में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले जनमत का संकेत देंगे। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे प्रमुख नगर निगमों पर नियंत्रण रखती है।
यह चुनाव बहुकोणीय है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा, यह चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए संशोधित आरक्षण नीति के तहत हो रहा है, जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। इसके चलते कई क्षेत्रों में परिसीमन और वार्डों का पुनर्गठन भी किया गया है। कुल मिलाकर, गुजरात के ये स्थानीय निकाय चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं और आने वाले बड़े चुनावों के लिए माहौल तैयार करेंगे।









