Gujarat Paper Leak: BAMS सर्जरी परीक्षा का पेपर हो गया था आउट? स्पेशल कमेटी जांच में सामने आएगा बड़ा सच

गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में BAMS तीसरे वर्ष की सर्जरी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर वायरल हुए 12 में से 11 सवाल मुख्य परीक्षा से हूबहू मिल गए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्पेशल कमेटी का गठन कर दिया है।

गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में पेपर लीक से मचा हड़कंप

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 27, 2026

Gujarat Paper Leak: देश के उच्च शिक्षण संस्थानों और परीक्षा प्रणालियों की साख पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। गुजरात के जामनगर स्थित प्रतिष्ठित गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) के तीसरे वर्ष की परीक्षा का सर्जरी विषय (शल्य तंत्र-1) का पेपर कथित तौर पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर लीक हो गया।

इस गंभीर वाकये का खुलासा तब हुआ जब छात्रों और जानकारों ने परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र का मिलान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों से किया। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य प्रश्नपत्र में पूछे गए कुल 12 सवालों में से 11 सवाल हूबहू वायरल मैसेज से मिल गए। इस बड़े खुलासे के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन और पूरे शैक्षणिक जगत में भारी खलबली मच गई है।

जूनागढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी स्क्वॉड ने की मामले की पुष्टि

आपको बता दे कि, इस पूरे मामले के खुलासे के संबंध में जूनागढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी स्क्वॉड के सदस्य डॉ. अल्पेश जरसानिया ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्हें 20 जुलाई को यूनिवर्सिटी की ओर से स्क्वॉड की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जब वे दोपहर के वक्त कॉलेज का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां के एक फैकल्टी सदस्य ने उनका ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि परीक्षा के सवालों की कुछ डिटेल्स व्हाट्सएप मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

जैसे ही उन्हें इस बात की भनक लगी, उन्होंने तत्परता दिखाते हुए उन वायरल सवालों को वेरिफाई किया और बिना किसी देरी के यूनिवर्सिटी की एग्जामिनेशन अथॉरिटी यानी ‘कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन’ को इसकी सूचना दी। प्रोफेसर जरसानिया के मुताबिक, पहली नजर में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि क्वेश्चन पेपर के कुल 12 में से 11 सवाल वायरल हो चुके कंटेंट से सीधे तौर पर पूछे गए थे, हालांकि इस पर सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स और यूनिवर्सिटी की अंतिम तकनीकी रिपोर्ट आनी बाकी है।

इंचार्ज एग्जामिनेशन डायरेक्टर ने निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल कमेटी गठित करने का किया ऐलान

मामले के तूल पकड़ने और चौतरफा आलोचना होने के बाद गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के इंचार्ज एग्जामिनेशन डायरेक्टर एचपी झाला ने सफाई देते हुए कहा कि शल्य तंत्र-1 की यह परीक्षा राज्यभर के 26 विभिन्न कॉलेजों के लगभग 1200 उम्मीदवारों ने दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा का यह सत्र तय समय पर पूरा हो गया था, लेकिन पेपर संपन्न होने के बाद यह शिकायत उनके ध्यान में लाई गई।

एचपी झाला ने आश्वस्त किया कि यदि जांच के दौरान पेपर लीक से जुड़े पुख्ता फैक्ट्स और सबूत हाथ लगते हैं, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन किसी को नहीं छोड़ेगा और दोषियों के खिलाफ बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस पूरी घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए वाइस चांसलर (कुलपति) के साथ विचार-विमर्श के बाद एक स्पेशल जांच कमेटी बनाने का आधिकारिक फैसला लिया गया है, जो वायरल मैसेज, ऑरिजिनल क्वेश्चन पेपर और अन्य सभी तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।