Guinness World Record : समंदर की गहराई में लहराया तिरंगा, भारत के इस रिकॉर्ड से दंग रह गई दुनिया

अंडमान के गहरे समंदर में आज जो हुआ उसने हर हिंदुस्तानी का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। 2400 वर्ग मीटर का तिरंगा जब पानी की लहरों के बीच फहराया गया, तो प्रकृति भी सलामी देने लगी। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवाटर फ्लैग घोषित किया है।

Guinness World Record

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 3, 2026

Guinness World Record : भारत ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपनी शक्ति और संस्कृति का लोहा मनवाया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के राधानगर बीच पर भारत ने समुद्र की गहराई में दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि 2400 वर्ग मीटर के विशालकाय तिरंगे को पानी के भीतर सफलतापूर्वक स्थापित करके हासिल की गई है। इस अनूठे अभियान ने न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाया है, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी दिया है कि भारतीय साहस की कोई सीमा नहीं है।

223 जांबाज गोताखोरों का अदम्य साहस: लहरों के नीचे मिशन सफल

इस चुनौतीपूर्ण मिशन को पूरा करने के लिए भारतीय नौसेना, स्थानीय पुलिस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के 223 अनुभवी गोताखोरों की एक संयुक्त टीम तैयार की गई थी। पानी के भीतर फहराए गए इस गौरवशाली तिरंगे की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है। समुद्र की लहरों और गहरे पानी के दबाव के बीच इतने बड़े ध्वज को पूरी सटीकता के साथ फहराना किसी चमत्कार से कम नहीं था। गोताखोरों के अनुशासन और अथक परिश्रम की बदौलत ही भारत इस “असंभव” लगने वाले कार्य को संभव कर पाया है। इसे राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक इच्छाशक्ति का एक सशक्त प्रदर्शन माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उपलब्धियों की नई परिभाषा: भाजपा का बयान

इस अभूतपूर्व रिकॉर्ड पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘नए भारत’ का प्रतिबिंब बताया है। भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज उन ऊंचाइयों को छू रहा है जो कभी कल्पना से परे लगती थीं। पार्टी के अनुसार, यह रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि उस आत्मविश्वास का प्रतीक है जो आज देश के हर युवा और सैनिक के भीतर है। भारत अब केवल रिकॉर्ड तोड़ नहीं रहा है, बल्कि सफलता के नए मानदंड स्थापित कर रहा है जो पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।

केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने जताई खुशी: देश के लिए गर्व का क्षण

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि अंडमान सागर की अनंत गहराई में तिरंगे की भव्यता देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। वहीं, दिल्ली के दिग्गज नेता परवेश साहिब सिंह ने इसे सैनिकों और युवाओं की क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि समुद्र की गहराई में राष्ट्रध्वज को फहराना हमारे जवानों के साहस, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। यह गौरवशाली क्षण देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

राष्ट्रीय गौरव और सीमाओं को लांघता भारत: एक सशक्त संदेश

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड यह सिद्ध करता है कि भारत अपनी सीमाओं को लगातार विस्तार दे रहा है। राधानगर बीच की गहराई में फहराता यह तिरंगा वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यह आयोजन न केवल साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि दुनिया को भारत की समुद्री सुरक्षा और विशेषज्ञता से भी परिचित कराएगा। सटीकता, साहस और राष्ट्रीय स्वाभिमान के इस अद्भुत संगम ने 140 करोड़ भारतीयों को एक बार फिर एकजुट होकर उत्सव मनाने का अवसर प्रदान किया है।

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