GST Collection: केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन कुल 6.1 फीसदी से बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।सरकार ने 1 जनवरी 2026 को दिसंबर 2025 महीने में जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा जारी कर दिया है। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार,दिसंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन कुल 6.1 फीसदी से बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।दिसंबर 2024 में यह कलेक्शन 1.64 लाख करोड़ रुपये थी। घरेलू खरीद-बिक्री से जीएसटी राजस्व केवल 1.2 फीसदी बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये रहा।
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Import गुड्स पर 19.7 फीसदी बढ़ा GST कलेक्शन
वहीं आयात यानी विदेश से आने वाले सामान पर जीएसटी कलेक्शन 19.7 फीसदी से बढ़कर 51 हजार 977 करोड़ रुपये हो गई।दिसंबर में 31 फीसदी ज्यादा रिफंड जारी किए गए,जो बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये हो गए।रिफंड देने के बाद सरकार के पास बचा शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 2.2 फीसदी से अधिक है।
सितंबर 2025 से 375 वस्तुओं पर कम हुईं GST दरें
सेस कलेक्शन घटकर 4 हजार 238 करोड़ रुपये रह गई,जबकि दिसंबर 2024 में यह 12,003 करोड़ रुपये थी।सितंबर 2025 से करीब 375 सामानों पर जीएसटी दरें कम कर दी गई थीं। जिसके बाद अब केवल तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर ही सेस लिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि टैक्स दरें घटने से राजस्व कलेक्शन पर असर पड़ा है।22 सितंबर 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम कर दी गई थी जिससे कई सारी वस्तुओं की कीमतों में कमी देखी गई।सरकार के इस कदम का उद्देश्य नागरिकों के खर्च को कम करना और बाजार में खपत को बढ़ावा देना था।
GST संग्रह में दिसंबर में देखी गई वृद्धि
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के जारी एक बयान में बताया कि,जीएसटी संग्रह में दिसंबर में देखी गई वृद्धि आयात और निर्यात से आई आय पर निर्भर रही।सरकार को उम्मीद है कि,अगले कुछ महीनों में घरेलू बिक्री में सुधार और सुधारित टैक्स नीति के साथ राजस्व संग्रह में स्थित वृद्धि देखने को मिलेगी।
दिसंबर में GST संग्रह में हुई 6.1 प्रतिशत की वृद्धि
केंद्र सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)।संग्रह में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा।पिछले वर्ष 2024 में दिसंबर माह में यह लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये था।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी के संग्रह में साल दर साल वृद्धि हुई जबकि एकीकृत जीएसटी में गिरावट आई।2025-26 (अप्रैल-दिसंबर) में अबतक सकल जीएसटी संग्रह में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो लगभग 16.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि में यह 15.2 लाख करोड़ रुपये था।










