Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई। हादसा 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे हुआ। युवराज गुरुग्राम में काम करते थे और सेक्टर-150 की टाटा सोसाइटी की ओर जा रहे थे। अचानक उनकी कार हाईवे से जुड़ी सड़क पर गहरे पानी भरे नाले में गिर गई। मृतक ने अपने पिता को फोन कर मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन हादसे में उनकी जान नहीं बच सकी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया तत्काल संज्ञान
इस गंभीर घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए। SIT का गठन प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी खामियों दोनों पहलुओं की जांच सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
SIT में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
SIT का नेतृत्व मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) करेंगे। टीम में मेरठ मंडल के मंडलायुक्त भी शामिल हैं, ताकि प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक को देखा जा सके। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी SIT में शामिल किया गया है, ताकि यदि किसी निर्माण खामी या तकनीकी लापरवाही का मामला सामने आए, तो विशेषज्ञ स्तर पर उसका मूल्यांकन किया जा सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: अखिलेश यादव ने जताया दुख
इस घटना को लेकर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “बेहद दुःखद और एक ऐसी घटना जो सरकारी लापरवाही के कारण हुई, जो समय रहते टाली जा सकती थी। अपनों के जाने का दर्द परिवारवाले ही समझ सकते हैं।”इससे पहले नोएडा अथॉरिटी ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। इसके साथ ही लोटस बिल्डर की रिपोर्ट विभाग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे का कारण
हादसे वाले सड़क मार्ग पर न कोई बैरिकेड लगाया गया था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड मौजूद था। यही लापरवाही युवराज की मौत का मुख्य कारण बनी। नोएडा अथॉरिटी ने सभी विभागों को अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा का पुनः निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।युवराज के अचानक निधन ने परिवार और समाज में गहरी शोक की लकीर छोड़ दी है। इस हादसे ने प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही के गंभीर परिणाम को उजागर किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT से उम्मीद है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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