Gorakhpur News: धमकी भरी कॉल से पुलिस प्रशासन में हड़कंप, CM और गोरखनाथ मंदिर निशाने पर

गोरखनाथ मंदिर और मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी कुशीनगर का एक 15 वर्षीय किशोर निकला, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त और नशे का आदी है।

Gorakhpur News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सोमवार की देर रात एक फोन कॉल ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए थे। हालांकि, गहन जांच और छापेमारी के बाद जो खुलासा हुआ, उसने न केवल पुलिस को चौंकाया, बल्कि उन्हें एक बड़ी राहत भी दी।

Sonam Wangchuk Health Update: सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, जंतर-मंतर पर नीट विरोध प्रदर्शन का 11वां दिन

धमकी भरा कॉल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सोमवार की रात करीब 12 बजे डीआईजी (पुलिस उप महानिरीक्षक) गोरखपुर के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया। फोन करने वाले ने अत्यंत गंभीर लहजे में गोरखनाथ मंदिर और मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी दी। इस कॉल के मिलते ही गोरखपुर पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और इंस्पेक्टर नीरज राय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और ठिकाने का पता लगाना शुरू कर दिया।

छापेमारी और आरोपी की पहचान

पुलिस की जांच में मोबाइल लोकेशन कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र के बलुआ तकिया गांव में मिली। गोरखपुर पुलिस की टीम ने बिना देरी किए पटहेरवा थाने से संपर्क किया और दोनों थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने मंगलवार भोर (सुबह) तीन बजे आरोपी के घर पर दबिश दी। पुलिस ने धमकी देने वाले 15 वर्षीय किशोर अंशु खरवार को हिरासत में ले लिया। किशोर की उम्र और उसकी गतिविधियों को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।

मानसिक स्थिति और पृष्ठभूमि का खुलासा

पुलिस की पूछताछ और गहन जांच में यह सामने आया कि आरोपी किशोर मानसिक रूप से विक्षिप्त है और नशे का भी आदी है। परिवारिक पृष्ठभूमि पर गौर करें तो पता चला कि किशोर के माता-पिता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है, जिसके चलते वे अलग-अलग रह रहे हैं। वह अपनी 70 वर्षीय दादी के संरक्षण में रह रहा है और दिनभर क्षेत्र में इधर-उधर घूमता रहता है।

यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस किशोर ने ऐसा कदम उठाया हो। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2025 में भी उसने तीन बार श्रीराम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। उस समय भी उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सहानुभूति बरतते हुए उसे सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया था।

पुलिस ने राहत की सांस ली

गोरखपुर पुलिस की टीम ने आवश्यक पूछताछ के बाद स्थिति को समझते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी की और अंततः उसे वापस उसके घर लाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। थानाध्यक्ष प्रविंद्र कुमार राय ने बताया कि किशोर की मानसिक स्थिति और उसकी पिछली आदतों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को सलाह दी है कि वे उसका इलाज कराएं और उस पर कड़ी निगरानी रखें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के प्रति पुलिस कितनी सजग है, लेकिन कई बार ऐसे संवेदनशील मामले किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मानसिक अस्वस्थता का परिणाम होते हैं।

पंजाब के नए DGP पर जल्द फैसला! UPSC की अहम बैठक से साफ होगी तस्वीर