Gorakhpur News: गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय सांसद रवि किशन एक साथ मंच पर मौजूद थे। ऐसे मौकों पर अक्सर हल्की-फुल्की हंसी-ठिठोली देखने को मिलती है। इस बार भी सीएम योगी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि रवि किशन की सांसदी अब खतरे में पड़ गई है और आगामी चुनाव में गोरखपुर लोकसभा सीट से कोई महिला उम्मीदवार सामने आ सकती है। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि लोग अब रवि किशन से छुटकारा चाहते हैं।
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मजाक या संकेत?
सीएम योगी की इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोग जोर से हंस पड़े। हालांकि राजनीति के गलियारों में इसे लेकर अटकलें भी शुरू हो गईं। कुछ लोगों का मानना है कि यह केवल मजाक था, जबकि कुछ इसे एक संकेत के रूप में देख रहे हैं। दरअसल, सीएम योगी अक्सर रवि किशन पर चुटकी लेते रहते हैं और दोनों के बीच मंच पर हल्की-फुल्की नोकझोंक आम बात है।
संघर्षों की याद दिलाई
अपने संबोधन में सीएम योगी ने गोरखपुर की राजनीतिक यात्रा और संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माफिया और मच्छरों के खिलाफ लड़ाई गोरखपुर से शुरू हुई थी और आज पूरे प्रदेश में इसका सुखद परिणाम दिख रहा है। उन्होंने 1996, 1998, 2004, 2009 और 2014 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन चुनावों के दौरान जनता के साथ मिलकर संघर्ष और चुनौतियों का सामना किया गया।
विकास की लड़ाई
सीएम योगी ने आगे कहा कि विकास के लिए सड़क से लेकर सदन तक लंबी लड़ाई लड़ी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में देश में परिवर्तन की बयार आई। उत्तर प्रदेश में भी 2017 और 2022 में भाजपा की सरकार बनी और पहली बार किसी सरकार ने पांच साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की।
गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी राजनीतिक मजाक के रूप में देखी जा रही है। हालांकि इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। मंच पर हुई यह हंसी-ठिठोली गोरखपुर की राजनीति में हल्के-फुल्के अंदाज का उदाहरण है, जहां गंभीर मुद्दों के बीच भी मजाक और चुटकी का माहौल बना रहता है।









