Google AI App: टेक और AI की दुनिया में रोजाना नए-नए लॉन्च देखने को मिलते रहते हैं, इसी के चलते हाल ही में Google ने अपने यूजर्स के लिए AI आधारित डिक्टेशन ऐप लॉन्च किया है, जो खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जिनका काम लिखने या ऑडियो को टेक्स्ट में बदलने से जुड़ा होता है। यह ऐप पूरी तरह फ्री है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करता है। आइए जानते हैं इससे जुड़े सभी फीचर्स
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आवाज को बेहतर टेक्स्ट में बदलने की क्षमता
आपको बता दें कि, इस AI ऐप की खासियत सिर्फ वॉइस-टू-टेक्सट कर सीमिक नहीं है। यह आपकी आवाज को टेक्सट में बदलने के साथ-साथ उसे बेहतर प्रोफेशनल भी बनाता है। आम बातचीत में हम कई बार “उम्”, “अह” जैसे अनावश्यक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह ऐप ऐसे शब्दों को पहचानकर अपने आप हटा देता है। इससे तैयार टेक्स्ट ज्यादा साफ, सटीक और प्रभावी बन जाता है।
टेक्स्ट को अलग-अलग स्टाइल में बदलने का विकल्प

इस ऐप में यूजर्स को कंटेंट को अपनी जरूरत के अनुसार ढालने के कई विकल्प दिए गए हैं। आप टेक्स्ट को Key Points, Formal, Short या Long फॉर्मेट में बदल सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर कंटेंट राइटर्स, स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है, जो अलग-अलग स्टाइल में लिखने की जरूरत महसूस करते हैं।
लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ऑफलाइन सुविधा
यह ऐप Google AI Edge Eloquent और Gemma जैसे एडवांस्ड स्पीच रिकग्निशन सिस्टम पर आधारित है। जब यूजर बोलता है, तो स्क्रीन पर तुरंत लाइव ट्रांसक्रिप्शन दिखाई देता है। खास बात यह है कि अगर यूजर क्लाउड प्रोसेसिंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, तो वह इसे बंद करके पूरा प्रोसेस डिवाइस पर ही चला सकता है। यही वजह है कि यह ऐप ऑफलाइन भी आसानी से काम करता है और डेटा प्राइवेसी के लिहाज से भी सुरक्षित माना जा रहा है।
कस्टम शब्द और हिस्ट्री ट्रैकिंग फीचर
इस ऐप में यूजर्स अपने हिसाब से कस्टम शब्द, नाम या तकनीकी टर्म्स जोड़ सकते हैं, ताकि AI उन्हें सही तरीके से पहचान सके। इसके अलावा, ऐप हर डिक्टेशन सेशन की हिस्ट्री को सेव करता है। यूजर यह देख सकता है कि उसने कितने शब्द बोले, उसकी स्पीड क्या रही और पिछली रिकॉर्डिंग्स क्या थीं। जरूरत पड़ने पर इन रिकॉर्ड्स को आसानी से सर्च भी किया जा सकता है।
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फिलहाल iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध

अभी यह ऐप केवल iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध है। हालांकि, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इसका एंड्रॉयड वर्जन भी लॉन्च किया जाएगा। एंड्रॉयड में इसे डिफॉल्ट कीबोर्ड के रूप में इस्तेमाल करने का विकल्प भी मिल सकता है, जिससे यूजर्स हर ऐप में इसका उपयोग आसानी से कर पाएंगे।
नया AI मॉडल भी किया पेश
इस ऐप के साथ ही गूगल ने अपना नया ओपन AI मॉडल Gemma 4 भी लॉन्च किया है। इस मॉडल की खास बात यह है कि इसे लोकल डिवाइस पर चलाया जा सकता है। इससे डेवलपर्स को ज्यादा कंट्रोल और फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है, जिससे वे अपनी जरूरत के अनुसार AI टूल्स को बेहतर तरीके से विकसित कर सकते हैं।
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